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Post Office म्युचुअल फंड है बेहद फायदेमंद! एक बार निवेश से ताउम्र मिलेगा लाभ..

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प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि वह अपने व्यवसाय या नौकरी से इतना कमा ले कि उसके आज के पास और उसका भविष्य भी सुरक्षित हो सके। अपने खर्चों के बाद वह को सेविंग भी कर पाए। यदि आप हर महीने एक निश्चित सेविंग करना चाहते हैं और उस पर बिना किसी जोखिम के रिटर्न भी प्राप्त करना चाहते हैं तो रिक्वायरिंग डिपॉजिट यानी आरडी आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित होगा।

यह काफी लोकप्रिय सेविंग स्कीम है। इसमें एक म्युचुअल फंड की तरह ही लेटर को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ती है। हर माह एक निश्चित राशि सेव होने से एक समय के बाद आपके बैंक खाते में अच्छी राशि जमा हो जाती है। आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपने लिए आर डी खाता खोल सकते हैं।

 ऐसा करने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना भी बड़ा जरूरी है। इन दोनों में से किसी एक जगह निवेश करना बेहतर विकल्प होता ही है। आइए जानते हैं कि आर डी खाता खुलवाने के लिए बैंक में आरडी शुरू करने में और पोस्ट ऑफिस में आरडी शुरू करने में क्या अंतर होता है और किस में ज्यादा लाभ मिलता है।
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यदि अवधि की बात की जाए तो पोस्ट ऑफिस में आप 5 साल की एक निश्चित अवधि के लिए आरडी करवा सकते हैं। वहीं यदि आप बैंक में आरडी कराना चाहते हैं तो 6 महीने से लेकर 10 साल की अवधि पर निवेश बैंक द्वारा दिया जाता है।
पोस्ट ऑफिस में आईडी पर खाताधारक को 7.2% ब्याज दर प्राप्त होती है। पोस्ट ऑफिस में आरडी पर मिलने वाली ब्याज की समीक्षा हर 3 महीने में सरकार द्वारा की जाती है और सरकार ही इस ब्याज को तय करती है। दूसरी ओर सरकारी बैंक आरडी पर 7% की ब्याज देता है। बैंक लगभग ऑडी पर ब्याज दर में तब्दील नहीं करते हैं। एक बार व्यस्त होने के बाद आरडी की अवधि तक ब्याज एक ही रहती है।
आरडी की समय अवधि से पहले निकालने की बात की जाए तो और डाकघर दोनों में मैच्योरिटी से पहले निकासी का विकल्प उपलब्ध होता है। इसके लिए आपको दोनों ही जगह पेनल्टी का भुगतान भी करना होता है। यदि आप डाकघर में आरडी कराते हैं तो 1 साल बाद आप 50% तक की राशि अपनी इच्छा अनुसार निकाल सकते हैं। इस एडवांस को किसी भी समय पर ब्याज दर के साथ राशि के रूप में फिर से जमा भी किया जा सकता है।
बैंक और डाकघर दोनों में ही आईडी 3 महीने यानी त्रैमासिक आधार पर ब्याज की गणना होती है। लेकिन इसका भुगतान नेचर की अवधि के समाप्त होने पर ही होता है।
डाकघर और बैंक दोनों में ही आरडी के नॉमिनेशन की सुविधा उपलब्ध होती है। आर डी को एक डाकघर शाखा से दूसरी शाखा में ट्रांसफर करना भी उपलब्ध कराया जाता है। यह नियम बैंक की आर डी पर भी एक समान लागू होता है।
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