Loading...

जब महज सिर्फ एक पर्यटक के लिए खोला गया दुनिया का सातवां अजूबा, इस जगह पर भी छुपे है गहरे राज

0 9

दुनिया के सात अजूबों में शामिल है माचू पिचू पेरू का सबसे मशहूर पर्यटन स्थल हैं। माचू पिच्चू इंका सभ्यता की बची हुई निशानी है। पिच्चू में कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के बाद से यह सातवां अजूबा बंद है। हाल ही में से पर्यटन के लिए खोला गया था यह जापानी पर्यटक है जो पिछले 3 महीनों से यहाँ पर फंसा हुआ था उसने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में बताया है कि वह 3 दिन के लिए आया था। लेकिन पेरू प्रशासन को जब इस बात की जानकारी हुई, तो उसके लिए माचू पिच्चू घूमने का प्रबंध किया गया।

माचू पिच्चू को अक्सर लोग ‘इंकाओं का खोया हुआ शहर’ भी कहते हैं। यह एक असम राज्य के सबसे परिचय प्रतीकों में से एक है इसे पेरू का एक ऐतिहासिक देवालय भी कहा जाता है। इसलिए इसे एक पवित्र स्थान माना जाता है। साल 1983 में से यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा भी दिया गया था।

वैसे तो स्थानीय लोग माचू पिच्चूके बारे में बहुत पहले से जानते थे लेकिन इसे दुनिया के सामने लाने का श्रेय हमारी किसी इतिहासकार ही हीरम बिंघम को दिया जाता है। उन्होंने साल 1911 में इस जगह की खोज की थी। जब से यह जगह दुनिया के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों में से एक है। बड़ी संख्या में लोग इसको देखने के लिए आते हैं इसके इतिहास और रहस्यों को समझने की भी कोशिश करते हैं।

हालांकि माना जाता है कि 1450 ईसवी के आसपास के गांवों में निर्माण किया था। लेकिन इसके लगभग 100 साल बाद जब स्पेनियों ने इंकाओं पर जीत हासिल कर ली तो वो इस जगह को हमेशा-हमेशा के लिए छोड़ कर चले गए तब से लेकर आज तक यह वीरान पड़ा हुआ है और अब तो यहां पर बस खंडहर ही बचा हुआ हैं।

Loading...
Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.