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अब PF का पैसा निकालने के लिए नहीं होगी UAN नंबर की जरूरत, जानें कैसे करना होगा अप्लाई..

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नौकरी पैसे वाले व्यक्तियों के लिए अपनी ईपीएस खाता और पेंशन काफी मायने रखती है । अपने आने वाले कल को सुरक्षित बनाने के लिए हर नौकरी वाला व्यक्ति ईपीएफओ का सब्सक्राइबर बन सुरक्षित महसूस करता है। कोरोना वायरस के चलते सरकार ने देश भर में लॉक डाउनलोड चित कर दिया गया है।

लाॅक डाउन में ईपीएफओ यानी कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने भी प्रॉब्लम फंड के सदस्यों को उनका पैसा वक्त से पहले निकालने की अनुमति दी है। 3 महीने की बेसिक सैलरी या फिर अपनी कुल जमा राशि का 75% ईपीएफओ खाताधारक प्राप्त कर सकता है।
आपको हम बता दें कि एंप्लॉय प्रोविडेंट फंड में दो तरह की स्कीमें प्राप्त होती है, जिसमें पैसा जमा किया जाता है। पहला प्रोविडेंट फंड यानी कि इपीएफ दूसरा पेंशन फंड यानी कि इपीएस 15 रुपये की मासिक सैलरी वाला कोई भी व्यक्ति ईपीएफ खाताधारक बन सकता है। इसमें कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12% उसकी सैलरी से काटा जाता है और दूसरा हिस्सा कंपनी द्वारा योगदान किया जाता है कर्मचारी का पूरा इपीएफ 12% जमा किया जाता है। वहीं कंपनी के हिस्से को दो टुकड़ों में भरा जाता है। पहला 3.67% का होता है जो कि ईपीएफ में जमा होता है। वहीं बाकी का दूसरा 8.33% होता है जो कि ईपीएस में जमा किया जाता है।
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यह है प्रोविडेंट फंड निकासी का नियम
आपको बता दें कि के नियमों के अनुसार आंशिक निकासी का प्रावधान अपने बच्चों की शादी उच्च शिक्षा या मकान खरीदने के लिए है। नौकरी छोड़ने के 1 महीने बाद भी ईपीएफओ खाताधारक अपनी कुल जमा राशि का 75% धन प्राप्त कर सकता है और 2 महीने के बाद उसे बाकी बचा हुआ 25% भी निकालने की अनुमति है। पहले नौकरी छोड़ने या बेरोजगार होने की स्थिति में 2 महीने बाद ही पीएफ से निकासी का प्रावधान था।
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