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कोरोना महामारी के दिनों में किसी वरदान से कम नहीं है ये भारतीय मसालें, विदेशों में भी बढ़ा इसका निर्यात

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भारत में मसालों जैसे अदरक हल्दी लहसुन दालचीनी लौंग इलाइची आदि का इस्तेमाल औषधि रूप में किया जाता है। बदलते समय में मसालों का इस्तेमाल कम हो गया था। लेकिन कोरोनावायरस इन की बिक्री फिर से तेज हो गई। ऐसे में कोरोनावायरस के चलते इम्यूनिटी स्ट्रांग करने के लिए लोग ना सिर्फ हैल्दी डाइट ले रही हैं बल्कि भारतीय मसालों का भी भरपूर तरीके से सेवन कर रहे हैं लिहाजा भारतीय मसालों का इस्तेमाल बढ़ने से इसकी डिमांड के साथ-साथ इसकी कीमतों में भी काफी इजाफा देखने को मिला है। जिसके चलते करीब 34 फीसदी तक का उछाल आया है।

मसालों का इस्तेमाल से भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब किया जा रहा है। विदेशी लोग भी अपने इम्यून सिस्टम को अच्छा करने के लिए परंपरागत भारतीय मसालों का सेवन करते हैं। इसलिए भारतीय मसाले अब विदेशों में भी काफी तेजी से निर्यात किए जा रहे हैं। आपको बता दें कि औषधीय गुणों से भरपूर भारतीय मसाले जैसे हल्दी सोंठ काली मिर्च की कीमतें बहुत तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

भारतीय मसाले खाने के स्वाद को बढ़ाते हैं। बल्कि सेहत के नजरिए से भी काफी ज्यादा फायदेमंद है। सर्दियों में इनकी डिमांड भी बहुत तेजी से बढ़ जाती है क्योंकि इसके औषधीय गुण ठंड में शरीर को गर्म करते हैं। बल्कि सौंफ अजवाइन काली मिर्च लौंग जैसे छोटे छोटे वाले तो लंबी उम्र तक हेल्दी और फिट रखने में मदद करते हैं। इन मसालों से आपका पेट भी काफी हद तक सही रहता है। दिल की बीमारियों से बचे रहते हैं। तो चलिए आज हम आपको कुछ मसाले और उनके बेहतरीन फायदों के बारे में बताते हैं।

इस लिस्ट में सबसे पहले बात अजवाइन की करते हैं। अगर आपको पेट से संबंधित कोई भी समस्याएं परेशान कर रही हैं। तो आपको अजवाइन का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से आपको पेट से संबंधित सभी परेशानियों का हल आसानी से मिल जाएगा।

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हल्दी के अंदर एंटीसेप्टिक एंटीबायोटिक एंटी एलर्जी गुण पाए जाते हैं। सर्दी खांसी के अलावा यह शरीर के दर्द में चोट और फैक्चर जैसी समस्याओं के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होती है।

जीरे का छौंक खाना पचाने में सहायक होता है साथ ही एसिडिटी और गैस की परेशानी को भी दूर रखता है। आपको बता दें कि जांच में भुना हुआ जीरा डालकर पीने से दस्त जैसी समस्याएं ठीक हो जाती है।

सौंठ की तासीर काफी गर्म होती है इसलिए सर्दियों में इसका सेवन गठिया और जोड़ों के दर्द को हो सकता है आपको बता दें कि अदरक की चाय से सर्दी खांसी जुकाम सिरदर्द जैसी समस्या ठीक होती है। वही लहसुन में मौजूद एंटी बैक्टीरियल एंटीसेप्टिक गुण भी बीमारियों से बचाने में काफी ज्यादा कारगर साबित होते हैं।

दालचीनी का इस्तेमाल सर्दियों में औषधि रूप से होता आ रहा है इसमें कैल्शियम मैग्नीशियम आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जो मोटापाय श्री की सर्दी खांसी के साथ-साथ कैंसर से भी बचाव करता है।

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