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घर में नेगेटिविटी को आने नहीं देती इस रंग की मछलियां, जानिए Aquarium के बारें में बहुत कुछ

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अगर धार्मिक ज्योतिष और वास्तु के अनुसार घर में एक्योरियम का बेहद महत्व माना जाता है। खासकर महिलाओं के लिए दरअसल जीवनदायिनी एक महिला ही है और पुरूष के पास ऐसी कोई सुविधा नहीं है। एक्वेरियम वास्तु का एक सरआउंडिंग है, जो अपने आप में जीवन लेकर चलता है जहां जीवन के साथ-साथ रशियन का काम भी होता है तो चलिए आपको बताते हैं पंडित कमल नंदलाल के द्वारा बताई गई वास्तु के कुछ खास नियमों के बारे में।

एक्यूरियम नौ ग्रहों का प्रतीक होता है जितनी भी मछली है या जलचर है वह सारी शनि का प्रतीक है। वही जल को चंद्रमा का प्रतीक है। आपने देखा होगा कि एक्वेरियम में नमक मिलाया जाता है, जो राहु का प्रतीक है। इसके अलावा एक्वेरियम में मौजूद आक्सीजन – बुद्ध उनको खिलाएं जाने वाला खाना बृहस्पति

एक्वेरियम का जल मछलियों के कारण हिलता है इसलिए इसे उत्तर व उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप इससे पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं आप किसी कारण यह जगह खाली नहीं है तो आगे से उत्तर-पश्चिम दिशा में भी रख सकते हैं।

भूल कर के भी एक्यूरियम को दक्षिण पूर्व दिशा दक्षिण पश्चिम दक्षिण पश्चिम में ना रखें से घर में नेगेटिविटी आती है।

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कहते हैं कि बहता हुआ जल भी हमें जीवन देता है। लेकिन एक्यूरियम का जल रुका होता है दरअसल एक्यूरियम में मौजूद मछलियां उसके पानी को हिलाने का काम करती हैं जिससे घर में सकारात्मक माहौल रहता है।

अगर आप चाहती हैं तो आपके घर में सुख समृद्वि के साथ परिवार की सेहत सही रहे तो एक्यूरियममें सात लाल दो काली मशीनें रखें सार लाल मछलियां ग्रहों और दो काली मछली ना राहु केतु का प्रतीक मानी जाती है। आप चाहे तो साथ लाल और एक काली मछली को भी रखवा सकते हैं।

घर में नेगेटिविटी दूर करने के लिए काली मछलियां रखे साथ ही वास्तु के मुताबिक मछलियों को गेस्ट रूम में ड्राइंग रूम में रखना बेहद शुभ माना जाता है

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