Loading...

इसी धरती पर मौजूद है एक ऐसी जगह, जहां आज तक नहीं रख पाया कोई कदम

0 5

भारतीय संस्कृति के साथ-साथ हिंदू धर्म में भी कैलाश पर्वत को बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। क्योंकि यहां भगवान शिव का निवास स्थल माना जाता है। लेकिन सबसे ज्यादा सोचने वाली बात यह है कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को अभी तक 7000 से ज्यादा लोग फतेह कर चुके है। आपको बता दें कि इसकी ऊंचाई 8848 मीटर है। जबकि कैलाश पर्वत पर आज तक कोई भी नहीं चल पाया है। इसकी ऊंचाई लगभग 2000 मीटर है। हालांकि यह बात अब तक रहस्य बनी हुई।

वैसे तो अभी तक कैलाश पर्वत पर किसी के भी नहीं पहुंच पाने पर बहुत सारी बातें है। कुछ लोगों का मानना है कि कैलाश पर्वत पर शिव जी निवास करते हैं और इसीलिए यहां पर कोई भी जीवित इंसान ऊपर तक नहीं पहुंच सकता मरने के बाद जिसने कोई भी पाप ना किया हो। वही कैलाश पर्वत पर फतह कर सकता है।

इतना ही नहीं इसके पीछे यह भी माना जाता है कि कैलाश पर्वत पर थोड़ा सा ऊपर चढ़ते ही व्यक्ति दिशाहीन यानी कि वह अपनी दिशा से भटक जाता है। इसी वजह से आज तक कोई भी व्यक्ति इस पर्वत पर नहीं चल पाया है।

अगर मीडिया की मानें तो उनके मुताबिक एक पर्वतारोही ने अपनी किताब में इस बात को लिखा था कि उसने कैलाश पर्वत पर चढ़ने की बहुत कोशिश की थी। लेकिन इस पर्वत पर चढ़ना असंभव था। क्योंकि वहां शरीर के बाल और नाखून तेजी से बढ़ने लगते हैं इसके अलावा कैलाश पर्वत पर बहुत ज्यादा रेडियोएक्टिव है।

Loading...

इतना ही नहीं इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि कैलाश पर्वत का स्लोप 65 डिग्री से ज्यादा है। जबकि माउंट एवरेस्ट में सिर्फ 40 से 60 तक है जो इसकी चौड़ाई को और भी ज्यादा कठिन बनाता है।

हालांकि कैलाश पर्वत पर चढ़ने की आखिरी कोशिश महीने लगभग 18 साल पहले यानी 2001 में की थी। जब चीन ने स्पेन की एक टीम को कैलाश पर्वत पर चढ़ने की अनुमति दी थी। फिलहाल कैलाश पर्वत पर चढ़ाई पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। क्योंकि भारत और तिब्बत समेत दुनिया भर के लोगों का कहना है कि यह पर्वत एक पवित्र स्थान है इसीलिए यहां पर चढ़ाई नहीं की जानी चाहिए।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.