Loading...

GK IN HINDI; जानिए आखिर मकई के भुट्टे में क्यों होते है बाल, इनका कैसे होता है इस्तेमाल

0 27

यदि आपने अपने सामान को शिफ्ट कराने के लिए पैकर्स एंड मूवर्स को बुलाया होगा। तो आपने उसमें देखा होगा कि मकई का भुट्टा यानी कि कॉर्न देखते हैं तो आपको ध्यान में आएगा कि जिस तरह पैकर्स एंड मूवर्स महंगी चीजों को पैक करने के लिए बॉक्स में घास फूस और थर्माकोल का प्रयोग करते हैं ठीक उसी प्रकार मकई के भुट्टे के आसपास रेशे नजर आते हैं। हालांकि अभी इन सबके बीच सवाल यह है कि मकई के भुट्टे के दाने इतने कमजोर नहीं होते कि उन्हें बचाने के लिए कवर से पहले रेशे की जरूरत हो। फिर क्या कारण है कि मकई के भुट्टे में बाल होते हैं।

भुट्टे में पाए जाने वाले बालों को सिल्की रेशम भी कहा जाता है। यह भुट्टे के मादा फूल (फीमेल फ्लावर) का पुंकेसर या (stamen) है। जो लंबा और पतला होकर बाल बना लेता हैं। जिससे कि फूल में निषेचन हो जाता है। अगर निषेचन नहीं होगा तो भुट्टे के खाए जाने वाले भाग अर्थात फल आदि चीजों का निर्माण नहीं होगा।

दरअसल जिस तरह से मकई के भुट्टों के दानों में मनुष्य को शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए काफी कुछ होता है ठीक उसी प्रकार दानों के साथ साथ मौजूद रेशों के अंदर भी काफी सारे ऐसे गुण होते हैं। जो मनुष्य के शरीर को लाभ पहुंचाते हैं आपको बता दें कि इन रेशों को हम ख़राब समझ कर डस्टबिन में फेंक देते हैं उनके अंदर कई सारे गुण और मिनरल्स पाए जाते हैं। जो लोग इस बारे में जानते हैं वह लोग इन्हें अपनी डेली डाइट में शामिल भी करते हैं और उसका शरबत बना कर के भी पीते हैं।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि इससे बना शरबत बॉडी से टॉक्सिंस निकालता है और किडनी को हेल्दी रखता है। रेशों का शरबत किडनी स्टोन के खतरों से बचाने का काम करता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि इसके रेशों का शरबत आपके शरीर से फैट बर्न प्रोसेस को तेज करता है यानी आपको मोटापे का शिकार होने से यह काफी हद तक बचाने का काम करता है।

Loading...
Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.