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GK IN HINDI; जानिए आखिर टेंट हाउस की कुर्सियों का रंग क्यों होता है लाल,किसी और रंग की कुर्सी का क्यों नहीं होता इस्तेमाल

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कोई बड़ा विवाह समारोह या फिर छोटी सी बर्थडे पार्टी यदि आप मेहमानों के लिए कुर्सियां लेने किसी भी टेंट हाउस में जाएंगे तो आपने एक बात जरूर नोटिस की होगी कि वहां पर ज्यादातर कुर्सियां लाल रंग की होती है। और बिना हैंडल की होती है। हालांकि अब इन सब के बीच में सवाल यह है कि टेंट हाउस की कुर्सियां हमेशा लाल रंग की क्यों होती हैं और उसके पीछे आखिर कौन सा कारण है।

ऑनलाइन रिचार्ज करने पर पता चलता है कि लाल रंग की कुर्सियां लगभग सभी कंपनियां बनाती हैं। कुछ कंपनियों ने सफेद लिली और कुछ अलग अलग डिजाइन की कुर्सियां भी बनाने की कोशिश की परंतु टेंट हाउस संचालकों द्वारा उन्हें पसंद नहीं किया गया। थोक में खरीद-फरोख्त की होने के कारण सबसे सस्ता और कच्चा माल लाल रंग की कुर्तियों के लिए ही तैयार किया जाता है। टेंट हाउस वाले लाल रंग की कुर्सियों में कुछ ऐसा है जो बाकी कुर्सियों में नहीं होता ।

कुर्सी का वजन करीब 2 किलो होता है यानी उसे उठाकर रखने और परिवहन करने में आसानी होती है। कुर्सी के इस मॉडल को टेंट हाउस शेयर कहते हैं यानी कुर्सी टेंट हाउस के लिए ही बनाई गई है। इसकी बेक साइट 910 mm होती है यानी 5 फुट से लेकर 6 फुट तक के व्यक्ति की पीठ को आराम देने में सक्षम होती हैं। इन कुर्सियों में जिस प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है वह आसानी से नहीं टूटता यह खास बात यह है कि भारत में लाल रंग की कुर्सी को शुभ माना जाता है। इन कुर्सियों में यूज होने वाले प्लास्टिक पर मौसम का भी कोई असर देखने को नहीं मिलता है। यहां तक की पास में यदि हलवाई का चूल्हा जल रहा है तब भी प्लास्टिक पिघलती नहीं है।

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