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इस प्रकार ऑनलाइन खोल सकते हैं नेशनल पेंशन सिस्टम में अपना खाता, अच्छे रिटर्न के साथ-साथ मिलेगा पेंशन का फायदा..

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जैसा कि आप सभी जानते हैं। भारत सरकार द्वारा कई पेंशन स्कीम में चलाई गई है जिन से आपके बुढ़ापे को सुरक्षित किया जा सकता है ऐसी ही एक पेंशन स्कीम है नेशनल पेंशन सिस्टम। भरत में आम बजट 2020 के नए इनकम टैक्स सिस्टम का ऐलान हो चुका हैैैै जिसके बाद आम लोगों मे उलझन बनी हुई है।  सबसे खास तौर पर सेविंग स्कीम को लेकर बहुत ज्यादा उलझन है। ऐसे ही एक टीम एनपीएस से जुड़ी आपकी परेशानियों को आज हम दूर कर सकते हैं।

आपको बता दें कि एनपीएस यानी कि नेशनल पेंशन सिस्टम।  आज देश में बचत का सबसे लोकप्रिय।  निवेश है। 1 मई 2009 को शुरू की गई यह निजी क्षेत्र या अन ऑर्गेनाइज सेक्टर में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया है।

 

इसका फायदा देखते हुए कुल 1.25 करोड़ सब्सक्राइबर में से 44 लाख निजी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। अब सवाल यह है कि बीएफ के द्वारा 60 हजार रुपए महीना पेंशन केेेे लिए किस तरह योजना बना सकते हैं।

प्रत्येक व्यक्ति अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए दिन रात मेहनत करता है और अपने पैसों को जमा करने का सोचता है। ऐसे में अपने पैसे बचा कर पेंशन पर निर्भर हो जाता है। रिटायरमेंट के बाद पेंशन का पैसा लोगों की जिंदगी में एक बहुत बढ़ा तो उसे जैसा होता है। यही वजह है कि सरकार समय-समय पर पेंशन से जुड़े हुए नियमों में बदलाव कर रही है। इसी के कारण सरकारी पेंशन स्कीम एनपीएस यानी नेशनल पेंशन सिस्टम में बदलाव करने की तैयारी की गई है।

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पेंशन फंड नियामक पीएफआरडीए ने 1 फरवरी 2020 को पेश होने वाले बजट में एनपीएस में एक लाख रूपय तक के निवेश पर आयकर की छूट देने की सिफारिश का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान समय में व्यक्तिगत कर दाताओं को 50 हजार रुपए तक के निवेश पर कर लाभ दिया जाता है।

PFRDA के पूर्णकालिक सदस्य सुप्रतिम बंदोपाध्याय ने पीटीआई से कहा की बचत के लिए हम यह देख रहे हैं कि क्या एनपीएस के अनुसार, मौजूदा 50 हजार रुपए तक के निवेश पर कर छूट को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया जा सकता है या नहीं। बंदोपाध्याय ने कहा कि इसके साथ-साथ हम अटल पेंशन योजना के तहत, उम्र सीमा बढ़ाकर 40 से 60 करने का आग्रह भी कर रहे हैं। अटल पेंशन योजना में वर्तमान अधिकतम पेंशन सीना 5 से बढ़ाकर 10 हज़ार रुपए महीना करने को कहा गया है।
National pension system एनपीएस एक सरकारी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है जो कि केंद्र सरकार ने साल 2004 में 1 जनवरी को शुरू की थी। इस तारीख के बाद जॉइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना अनिवार्य है। साल 2009 के बाद से इस योजना को प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए भी खोल दिया गया था।
इस मामले में जानकारों की माने तो उनका कहना है कि यदि ऐसा होता है, तो आम लोगों को काफी राहत मिल जाएगी। इतना ही नहीं, इसके साथ अटल पेंशन स्कीम के प्रति लोगों का आकर्षण भी बढ़ जाएगा। सरकार ने देश भर में पॉइंट ऑफ़ प्रेजेंट बनाए हैं, जिनमें एनपीएस अकाउंट खोला जा सकता है। देश के लगभग सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों को पीओपी बना दिया गया है। आप पेंशन फंड रेगुलेटरी एवं डेवलपमेंट अथॉरिटी की आधिकारिक वेबसाइट https://www.npscra.nsdl.co.in/pop-up.php से भी पॉइंट ऑफ प्रेजेंट तक पहुंच सकते हैं। किसी भी बैंक के नजदीकी ब्रांच में यह खाता खोला जा सकता है।
खाता खुलवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज होंगे- एड्रेस प्रूफ, आईडेंटिटी प्रूफ, बर्थ सर्टिफिकेट या दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट, सब्सक्राइबर रजिस्ट्रेशन फॉर्म आदि।
इस योजना में दो तरह के अकाउंट खोले जा सकते हैं पहला टियर 1, दूसरा टियर 2। हर सब्सक्राइबर को एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर दिया जाता है, जिस पर 12 अंकों का एक नंबर दिया जाता है। आपको बता दें कि इसी नंबर से सभी लेनदेन वाले काम किए जाते हैं।
यदि आप भी ऑनलाइन नेशनल पेंशन सिस्टम खाता खोलना चाहते हैं तो इसके लिए आपको पीएनपीसी के पोर्टल पर जाना होगा। एक बार पेज खुलने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन एंड कंट्रीब्यूशन का विकल्प चुनना होगा। यहां आपको रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनकर आपको अपनी डिटेल पेन और बैंक खाते के बारे में जानकारी देनी होगी, जिसके बाद कंटिन्यू पर क्लिक करना होगा ऐसा करने से आपके सामने एक नया पेज खुलेगा और फिर आपको अपनी निजी जानकारी और पहचान की डिटेल्स मरने होंगी।
इन डिटेल को भरने के बाद इमेज और साइन अपलोड करने का विकल्प आएगा। फोटो और साइन अपलोड करने के बाद आपको एनपीएस अकाउंट के लिए पेमेंट करना होगा यह आपका पहला पेमेंट होगा। पेमेंट होने के बाद आपको परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर आवंटित कर दिया जाएगा।इसका मतलब यह है कि आपका नेशनल पेंशन सिस्टम खाता खुल गया है।
आपको बता दें कि रुंगटा सिक्योरिटी डायरेक्टर हर्षवर्धन रूंगटा ने बताया कि एनपीएस में हर महीने 4,000 रुपए का योगदान करके 30 साल में आप 7,00,000 जुटा सकते हैं। 1 जनवरी 2004 के बाद नौकरी में आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एनपीएस शुरू किया गया था।
इसके बाद धीरे-धीरे सभी राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया। मई 2009 से इसका विस्तार स्वैच्छिक  आधार पर सभी भारतीय नागरिकों के लिए किया गया है। दिसंबर 2011 से कॉरपोरेट्स और अक्टूबर 2015 से अनिवासी भारतीय व्यक्तियों के लिए यानी कि वे भारतीय जो भारतीय होने के बाद विदेश में रहते हैं के लिए शुरू किया गया था।
बता दें कि आयकर की धारा 80c के तहत स्क्रीन पर यानी कि एनपीएस पर टैक्स का लाभ भी दिया जाता है नई धारा 80c के अनुसार, निर्धारक 5,000 रुपए का अतिरिक्त खिलाफ भी उपलब्ध कराया जाता है करीब 10 साल पहले जब एनपीएस को आम व्यक्तियों के लिए खोला गया था। तब इसके नियम काफी कड़े थे और इसकी बनावट भी टेक्स्ट के आधार पर ठीक नहीं थी।
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