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व्यस्क ही नहीं, बल्कि बच्चे का AADHAAR भी है बेहद अहम, जानें किस तरह कर सकते हैं मुफ्त में आवेदन..

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ना केवल व्यस्क बल्कि छोटे बच्चों के लिए भी आधार की जरूरत होती है। शायद आपको नहीं पता होगा। लेकिन आपको बता दें कि कुछ ही समय पहले सरकार ने इस बात का ऐलान किया कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे जिनको मिड-डे-मील दिया जाता था। अब से जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं होगा उन्हें मिड डे मील की सुविधा भी नहीं दी जाएगी।
वैसे तो बच्चों के लिए बनवाए गए आधार कार्ड व्यस्क के लिए बनाए जाने वाले आधार कार्ड से बहुत अलग होते हैं। बच्चे के आधार कार्ड बनाने के लिए पहले माता-पिता का आधार कार्ड मांगा जाता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों का बायोमेट्रिक भी नहीं होता है। बच्चों के आधार को अभिभावकों के आधार से लिंक किया जाता है। इतना ही नहीं, इसके साथ-साथ अभिभावकों का एड्रेस प्रूफ आईडी प्रूफ भी इसमें लगाया जाता है। जब बच्चा 5 साल से बड़ा हो जाता है तो उसकी बायोमेट्रिक अपडेशन हो जाती है।
आधार कार्ड बनाने के लिए उम्र सीमा ते नहीं है। एक नवजात से लेकर व्यस्क व्यक्ति तक के लिए आधार कार्ड बनाया जा सकता है। सभी के मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि एक नवजात के नाम पर आधार कार्ड कैसे बनाया जा सकता है। आपको बता दें कि यूआईडीएआई भारत में रह रहे नागरिकों के आधार कार्ड बनाने की सुविधा देता है। चाहे नागरिक की उम्र जो भी हो वह आधार कार्ड बनाने का लाभकारी बन सकता है।
बच्चों के लिए आधार बनवाना भी बहुत महत्वपूर्ण है। बच्चों के लिए आधार बनाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि स्कूल अभिभावकों में एडमिशन के दौरान आधार कार्ड मांगा जाता है। वहीं मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यह घोषणा कर दी है कि बिना आधार कार्ड वाले बच्चों को मिड-डे-मील भी नहीं दिया जा सकता। अब सवाल यह है कि बच्चों के लिए आधार कार्ड बनवाने के लिए कैसे अप्लाई करें। बच्चों के लिए आधार कार्ड बनाए जाने वाला आधार को बाल आधार कार्ड जाता है। यह आधार नीले रंग का होता है।
आप इसे बनवाने के लिए अपने किसी भी नजदीकी आधार केंद्र पर जा सकते हैं। इस दौरान बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और माता-पिता का आधार कार्ड जरूरी होता है। 5 साल के बच्चों का बायोमेट्रिक नहीं लिया जाता। बच्चों के आधारभूत अभिभावकों के आधार से लिंक करके बनाया जाता है। इसके अलावा अभिभावकों का एड्रेस प्रूफ आइडेंटी प्रूफ आदि भी आधार बनाने के लिए लगाया जाता है।
आधार केंद्र के अलावा अभिभावक यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन लिंक पर जाना होता है। यहां पर फॉर्म भर के आपको दस्तावेजों को ऑनलाइन सेव करके फॉर्म फिल करना होता है।
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आधार कार्ड बनाने के लिए उम्र सीमा ते नहीं है। एक नवजात से लेकर व्यस्क व्यक्ति तक के लिए आधार कार्ड बनाया जा सकता है। सभी के मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि एक नवजात के नाम पर आधार कार्ड कैसे बनाया जा सकता है। आपको बता दें कि यूआईडीएआई भारत में रह रहे नागरिकों के आधार कार्ड बनाने की सुविधा देता है। चाहे नागरिक की उम्र जो भी हो वह आधार कार्ड बनाने का लाभकारी बन सकता है।
बच्चों के लिए आधार बनवाना भी बहुत महत्वपूर्ण है। बच्चों के लिए आधार बनाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि स्कूल अभिभावकों में एडमिशन के दौरान आधार कार्ड मांगा जाता है। वहीं मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यह घोषणा कर दी है कि बिना आधार कार्ड वाले बच्चों को मिड-डे-मील भी नहीं दिया जा सकता। 5 साल तक के बच्चे का बायोमेट्रिक नहीं लिया जाता है। जब वह 5 साल से अधिक का हो जाता है तो बायोमेट्रिक रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है, जिसके लिए आपको बच्चे की उम्र बढ़ने के बाद अपडेट कराने जाना होगा।
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