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पैसों की है जरूरत ना करें PF के लिए Claim! इस तरह कम ब्याज पर मिलेगा पैसा, जानें तरीका..

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हमारे जीवन में कब कौन सी विपदा या परिस्थिति आ जाए यह कहा नहीं जा सकता। अपने भविष्य को सुधारने के लिए तो प्रत्येक व्यक्ति कहीं ना कहीं निवेश करके रखता है, जिससे भविष्य में उसे जब भी पैसों की जरूरत हो तो वह अपने निवेश द्वारा अपना काम चला सके। लेकिन जब कोई विपदा जैसी परिस्थिति हो और पैसों की सख्त जरूरत हो तो आप क्या करेंगे।
ऐसी विपदा के समय पैसों की जरूरत को पूरा करने का काम सबसे बड़ा होता है। इस सवाल का जवाब खुद आपके पास भी मौजूद है मनी गुरु में कंप्लीट करके कंसल्ट के कोफाउंडर क्षेत्र महाजन के अनुसार, ऐसे 10 ऐसे निवेश द्वारा मौजूद किए गए हैं जिससे आप इमरजेंसी में आसानी से लोन ले सकते हैं।
पहला लोनी फिर इसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं वह लोड एचडी के ऊपर होता है। ऐसी एनी फिक्स डिपॉजिट पर भी लोन लिया जा सकता है। एफडी की वैल्यू 95% का लोन दिया जाता है। लोन पर ब्याज एफडी की दरों से 1 या 2% ज्यादा लोन की अवधि के बराबर ही होती है। बात की जाए एफबी पर लगने वाली शर्तों की तो एफडी के बदले लोन के लिए नियम तय किए गए हैं। इसमें लोन के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल होनी चाहिए, जिस बैंक से आप लोन ले रहे हैं। वही एफबी होना जरूरी होता है। नाबालिक को लोन नहीं दिया जाता।
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दूसरा लोन गोल्ड लोन है सोना या सोने के गहनों के बदले लोन लेना आज आम बात हो गई है। सोने की वैल्यू के आधार पर आपको 1000 से दो करोड़ रुपए तक का लोन मिल सकता है। सोने की मार्केट वैल्यू का 75% लोन आपको उपलब्ध कराया जा सकता है। सोने के बदले लोन पर 10 से 29 प्रतिशत ब्याज आमतौर पर 3 सालों के लिए दिए जाती है और अधिकतम 20 साल के लिए। इसमें यह नियम आवश्यक होता है कि लोन लेते समय गोल्ड एकदम प्योर हो और उसकी प्योरिटी 18 से 22 कैरेट होना आवश्यक होता है। गोल्ड कॉइन न्यूनतम 50 ग्राम का होना चाहिए। इसके लिए 18 से 75 के बीच की आयु तय की गई है।
एलआईसी पॉलिसी के ऊपर भी लोन लिया जा सकता है। इंश्योरेंस पॉलिसी के बदले भी लोन संभव होता है। पॉलिसी की सेरेंडर वैल्यू के हिसाब से लोन मनी बैक एंडोवमेंट पॉलिसी के बदले लोन सरेंडर का 80 से 90% लोन दिया जाना संभव होता है। टर्म प्लान ULIP के बदले लोन नहीं दिया जा सकता है। सरेंडर वैल्यू से ज्यादा लोग भी देख लेना सही नहीं है। ऐसे में पॉलिसी के टर्मिनेट होने का यह होता है।
चौथा विकल्प प्रॉपर्टी के बदले लोन लेना है यदि आपके पास अपनी प्रॉपर्टी है, जो कि आपने अपने खुद के पैसा से ली है तो इस पर एक बड़ा लोन बैंक द्वारा दिया जा सकता है। बैंक संपत्ति मूल्य के 60 से 70% का लोन देता है। रेजिडेंशियल कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 5 से 10 करोड़ रुपए तक का लोन दिया जा सकता है। इसकी व्यास 9 से 16% होती है इसकी शर्तों की बात की जाए तो लोन लेने वाले व्यक्ति को 3 साल का कहीं भी काम का अनुभव होना चाहिए। कारोबार कम से कम 5 साल पुराना होना जरूरी होता है।
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पांचवा विकल्प प्रोविडेंट फंड पर लोन लेना होता है इसमें जिस साल लोन ले रहे हैं। उससे पहले से 2 साल अहम पहले के 2 साल बैलेंस का 25% लोन आपको दिया जा सकता है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड ब्याज दर से 2% ज्यादा ब्याज चुकाना होता है। इसमें लोन 3 साल के लिए लिया जा सकता है। पीपीएस खोलने के तीसरे वित्त वर्ष से लोन ले सकते हैं। छठ में वित्तीय वर्ष से भी लोन ले सकते हैं, लेकिन इसके अंदर आप एक ही बार लोन ले सकते हैं।
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