Loading...

हर अमंगल से बचाव करता है गायत्री मंत्र, जानिए इसको जपने के चमत्कारिक फायदे

0 15

हिंदू धर्म में कई तरह के मंत्रों का जिक्र किया गया है लेकिन महामंत्र यानी कि गायत्री मंत्र को वेदों का सबसे सर्वश्रेष्ठ मंत्र माना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक सभी ऋषि मुनि अकाल मृत्यु से बचने के लिए इसी महामंत्र का जाप करते थे। माना जाता है कि रोजाना इस मंत्र का जाप शरीर की सारी नेगेटिविटी को दूर करता है और मन को शांत करता है। इसलिए आपको बताते हैं महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने के कुछ बेहतरीन फायदे के बारे में और इसको करने का सही तरीका कौन सा होता है।

आपको बता दें कि एक माला में यानी कि 108 मोतियों में अगर इस मंत्र का उच्चारण किया जाए तो यह पाप मुक्त करता है। वही एक बार में तीन माला यानी कि 334 बार इस मंत्र का उच्चारण करने से अकाल मृत्यु जैसी समस्याओं से बचा जा सकता हैं।अगर कोई व्यक्ति पूरे दिन में 9 बार यह माला जपता है तो वह सभी परेशानियों से दूर हो जाता है। वह भोजन करने से पहले इस महामंत्र का तीन बार उच्चारण जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से आप का भोजन अमृत समान हो जाता है।

वेदों और पुराणों के मुताबिक शुभ प्रातः काल स्नान करने के बाद इस मंत्र का जाप करना चाहिए। हालांकि दोपहर और शाम के समय इस मंत्र का उच्चारण कर सकते हैं। हालांकि खास बात यह है कि गायत्री महामंत्र का जाप आप कभी भी और कैसे भी कर सकते हैं। बस इस दौरान आपका मन शांत होना चाहिए।

कहा जाता है कि रोजाना इस मंत्र का जाप करने से हम सकारात्मक रहता है। साथ ही इससे धार्मिक कार्यों की ओर आकर्षित होता है। इससे मन शांत रहता है और मन की बुराइयों का नाश होता है। इससे दिमाग शांत रहता है और तनाव दूर रहता है घर से बाहर जाते समय पांच बार या 11 बार इस मंत्र का जाप करें ऐसा करने से आपको सफलता जरूर मिलती है। घर से बाहर जाते समय छींक आ जाए तो मन में गायत्री मंत्र का उच्चारण करें ऐसा करने से अमल काम दूर होते हैं। सोने से पहले 11 बार इस मन्त्र का जाप करें। इससे बुरे सपने आते हैं स्नान करने के बाद रुद्राक्ष की माला से 108 बार जाप करें। ऐसा करने से आप बीमारियों से काफी हद तक दूर रहते हैं।

Loading...
Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.