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एक राजा युद्ध में बुरी तरह पराजित हो गया, शत्रु सैनिकों से बचने के लिए राजा एक गुफा में जा छिपा, शत्रुओं ने उस गुफा को बाहर से बंद कर दिया

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आप सभी ने इस कहावत को तो जरूर सुना होगा कि सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है। जो लगातार मेहनत करते हैं। उन लोगों को नहीं जो जरा सी मुसीबत आने पर घबरा जाते हैं। और हाथ पर हाथ रख कर बैठ जाते हैं। हालाकिं सब कुछ हार जाने के बाद भी व्यक्ति को एक बार फिर से पूरी ताकत के साथ प्रयास करना चाहिए ताकि वह अपने मुकाम तक आसानी से पहुंच जाए तो चलिए आज हम आपको एक ऐसी ही राजा की लोक कथा के बारे में बताते हैं जिसके जरिए आप इस बात को बहुत आसानी से समझ जाएंगे।

पुराने समय की बात है कि एक राजा के राज्य पर उसके कुछ शत्रुओं ने हमला कर दिया था। हालांकि उनके शत्रु सैनिकों की संख्या काफी अधिक थी। जिसकी वजह से मैदान में लड़ने पहुंची राजा की सेना का मनोबल टूट गया। हालांकि सैनिकों की हिम्मत हारने के बाद उस राजा को भी उनके शत्रु सैनिकों ने बुरी तरह से घेर लिया। उस समय राजा जैसे तैसे अपना वेश पूरी तरह से बदल कर जंगल की ओर दौड़ा।

उस समय राजा को कुछ भी नहीं सूझ रहा था। उसको जंगल में एक गुफा दिखाई थी। जहां वह जाकर छुप गया हालांकि राजा को खोजते हुए उसके शत्रु सैनिक वहां पर आ पहुंचे और उन्होंने गुफा के दरवाजों को पत्थरों से ढक दिया। ताकि वो राजा वहां से बाहर ना निकल पाए।

काफी सारी दौड़ भाग करने के बाद राजा बुरी तरह से थका हुआ था। वह भूख प्यास से बेहाल था उसके शरीर में इतनी भी तथा नहीं थी कि वह थोड़ा सा भी चल सके। हालांकि जब उसके शत्रु सैनिक इस गुफा को बड़े-बड़े पत्थरों से ढक रहे थे। तब राजा के मन में बार-बार यही ख्याल आ रहा था कि अब वह यहां से कभी भी बाहर नहीं निकल पाएगा और यही उसकी मृत्यु हो जाएगी।

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हालांकि राजा लगातार इसी सोच में था और पूरी तरह से निराश होकर टूट चुका था। लेकिन उसी समय उसको उसकी मां के द्वारा बताई गई एक बात ध्यान में आई राजा की मां हमेशा इस बात को कहती थी कि कुछ तो कर बस हिम्मत मत हार। यह बात याद आते ही राजा के अंदर एक शक्ति सी आ गई। उसने सोचा कि मैं बिना कोशिश करें कैसे हार मान सकता हूं। मुझे एक बार तो कोशिश जरूर करनी चाहिए।

बस राजा यही सब बातें सोच कर दोबारा से खड़ा हुआ और उसने गुफा के दरवाजे पर जाकर के पत्थरों को हटाने का काम शुरू कर दिया। बहुत सारी मेहनत करने के बाद उन पत्थरों को वः खिसकाने में सफल हुआ ताकि वह थोड़ी सी भी जगह से बाहर निकल पाए। राजा उस गुफा से तो बाहर निकल गया और अपने मित्र के पास पहुंचा। हालांकि उसके सभी मित्र राजाओं ने उसकी मदद की और शत्रु सैनिकों को पराजित करने में उसकी सहायता की और उसे उसका राज्य वापस दिला दिया।

कहानी की सीख

हमें इस कहानी से यह सीख लेनी चाहिए कि हमें आखरी सांस तक हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। जब तक हमें सफलता नहीं मिल जाए तब तक हमें लगातार प्रयत्न करते रहना चाहिए। जो लोग इस बात को ध्यान में रखकर दोबारा से प्रयास करते हैं उन्हें सफलता जरूर मिलती है।

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