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भारत में 12 करोड़ से भी ज्यादा की संख्या में मौजूद हैं इस तरह के मजदूर, जानें किन्हें कहते हैं Gig Worker..

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भारत में मजदूरों और कर्मचारियों की कोई कमी नहीं है प्रत्येक कारोबार में कुछ काम ऐसे होते हैं, जिनको स्थाई कर्मचारी के बजाय गैर स्थाई कर्मचारी से कराया जा सकता है। ऐसे काम के लिए कंपनियों में कर्मचारियों को काम के आधार पर ही उन्हें पैसा दिया जाता है।
दूसरे शब्दों में कहें तो ऐसे कर्मचारियों को उनके काम के बदले में ही उनका भुगतान किया जाता है। इसी आधार पर इन कर्मचारियों को काम के लिए रखा जाता है। इन कर्मचारियों को गिग वर्कर कहा जाता है। ऐसे कर्मचारी कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहते हैं।
यदि इससे ज्यादा संक्षिप्त में दया जाए की गिव बढ़कर कौन होते हैं तो आपको बता दीजिए आम भाषा में स्वतंत्र रूप से ठेके पर काम करने वाले कर्मचारी बिग वर्कर होते हैं। इसी प्रकार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के लिए काम करने वाले कर्मचारी, ठेका फर्म के कर्मचारी, कॉल पर काम के लिए उपलब्ध कर्मचारी और अस्थाई कर्मचारी गिग वर्कर की श्रेणी में आते हैं।
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इस तरह के गिव कर्मचारियों और कंपनियों के बीच समझौता हो जाता है, जिस भरकर के तौर पर काम करने वाले कर्मचारी और कंपनी आपस में समझौता कर लेते हैं। इस समझौते में कर्मचारी की कंपनी की कॉल पर काम करना होता है इस काम के बदले में कंपनी अपने इस गिग वर्कर को उसके काम का भुगतान काम होते ही कर देती है।
इतना ही नहीं, इन गिरवर करो के काम का कोई समय निश्चित नहीं होता है। इन वर्कर्स को कंपनी के साथ समझौते के साथ ही कभी भी काम करने के लिए तैयार रहना होता है।
यदि भारत में भंवरगढ़ की बात की जाए तो भारत में ऑनलाइन कारोबार बढ़ने के बाद से गिव वर्कर की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। अनुमान के हिसाब से बताया जाए तो मौजूदा समय में 10 से 12 करोड़ गिग वर्कर्स भारत में मौजूद हैं।
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