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GK IN HINDI; जानिए इलेक्ट्रिक करंट कब मारता है झटके और कब व्यक्ति को चिपका लेता हैं।

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बिजली के करंट के बारे में तो आप सभी लोग जानते ही होंगे। आपने अक्सर देखा या सुना होगा कि किसी व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक वायर के संपर्क में आने के कारण करंट का झटका लगा है। आपने यह भी सुना होगा कि कोई व्यक्ति करंट के कारण इलेक्ट्रॉनिक वायर से चिपक गया। प्रश्न यही है कि जब बिजली एक ही होती है तो कभी करंट लगता है और कभी हम उसमें चिपक जाते हैं आखिर ऐसा क्यों होता है।

इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए हमें भी करंट के प्रकार समझते होंगे बिजली के करंट के दो प्रकार होते हैं पहला ऐसी दूसरा डीसी यदि आप इसको हम इसमें अंतर समझ पाएंगे। तो ही आप समझ पाएंगे कि कौन से तार में किस प्रकार का करंट होता है।

AC- यानी वह करंट जो आपके घर में सप्लाई किया जाता है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है। अल्टरनेटिंग करंट दोनों वायर (पॉजिटिव एवं नेगेटिव) एक साथ प्रवाहित होता है। फर्क इतना होता है कि एक बार में अधिक और दूसरी बार में कम मात्रा में प्रभावित होता है। जिसमें ज्यादा करंट होता है उसे आप कहते हैं और जिसमें कम होता है उसे न्यूट्रल कहा जाता है। हालांकि यहां ध्यान देना चाहिए जरूरी है कि अर्थिंग यानी वह तीसरा वायर जो आगे जाकर जमीन के नीचे दबा दिया जाता है अल्टरनेटिंग करंट के संपर्क में आने से मनुष्य को कंपन महसूस होता है या फिर झटके लगते हैं सुरक्षा की दृष्टि से अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे मृत्यु की संभावना काफी कम होती है।

डीसी को डायरेक्ट करंट कहा जाता है यह कैसा करंट होता है। जिसे हम विभिन्न विभिन्न माध्यम से प्राप्त करते हैं। इसे हम रसायनिक क्रिया द्वारा भी उत्पन्न कर सकते हैं तथा सौर ऊर्जा के माध्यम से भी उत्पन्न कर सकते हैं। विद्युत में के क्षेत्र में सर्वप्रथम डायरेक्ट करंट आता है यानी कि डीसी करंट आता है हमारे अधिकतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण डायरेक्ट करण के माध्यम से ही चलते हैं। इसकी सबसे अच्छी बात यह होती है कि नहीं कर सकते। जैसे इनवर्टर कार की बैटरी में या फिर किसी भी प्रकार की बैटरी में और इसकी सबसे बड़ी बात यह होती है कि डायरेक्ट नहीं करता है। जिसके कारण व्यक्ति की जान चली जाती है

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