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GK IN HINDI ; जानिए आखिर क्यों सऊदी अरब में नहीं होती बारिश

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सऊदी अरब दुनिया का वह क्षेत्र है। जहां पैसे की बारिश होती है। क्योंकि यहां तेल के कुएं हैं। दुनियाभर के देशों को पेट्रोलियम उत्पाद बनाने के लिए कच्चे तेल की जरूरत होती है। और इसके लिए सऊदी अरब आना पड़ता है। यही कारण है कि सऊदी अरब की सरकार और आम जनता भौगोलिक तुलनात्मक रूप काफी धनबाद है। लेकिन इसका सबसे बड़ा कष्ट यह है कि इसके यहां सिर्फ नोटों की बारिश होती है। मॉनसून नहीं आता और ना ही पानी बरसता।

तलमीज़ अहमद कहते हैं कि सऊदी में हर साल दिसंबर जनवरी में तूफान के साथ बारिश आती है। लेकिन एक या 2 दिन ही होती है। मतलब साल में एक या दो दिन बारिश होती है। हालांकि है विंटर स्टॉर्म की शक्ल में आता है। और इसे ग्राउंड बॉर्डर पर कोई फर्क नहीं पड़ता। तलमीज़ कहते हैं कि जॉर्डन और सीरिया में बारिश होती है तो सऊदी के लोग काफ़ी खु़श होते हैं क्योंकि वहां की बारिश के पानी से सऊदी के ग्राउंड वाटर पर फ़र्क़ पड़ता है।

ये इलाक़े अपने रेगिस्तान और बारिश नहीं होने के लिए जाने जाते हैं। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का कहना है कि यह देश अपनी क्षमता से ज्यादा पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब उन्हीं देशों में से एक है। जहां के लोगों ने जमीन के भीतर मौजूद पानी को खत्म कर दिया है।

क्योंकि सऊदी अरब पहले से ही रेगिस्तान था। समुद्री पानी की आंधी तो आती है। परंतु मॉनसून काम आता है ग्राउंड वाटर कम होने से मॉनसून ना के बराबर होता है।

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मॉनसून के बाद में को जमीन पर मौजूद नदी तालाब कुएं आकर्षित करते हैं। सऊदी अरब में कोई नदी नहीं है। सऊदी अरब में न तो कुएं हैं और न नदी है।

सऊदी अरब में हुए तो परंतु ताला भी अच्छी नहीं है सऊदी अरब के लोगों ने सदियों से प्राकृतिक पानी का प्रबंध नहीं किया यही कारण है कि सऊदी अरब में मानसून के बादल ही नहीं आते। सऊदी अरब में हुए तो हैं परंतु तालाब या फिर झील नहीं है। सऊदी अरब के लोगों ने सदियों से प्राकृतिक पानी का प्रबंधन नहीं किया।

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