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SBI ने एक बार फिर किया ATM से जुड़े नियमों में बदलाव! 18 सितंबर के बाद करना होगा ये काम..

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जैसा कि आप सभी जानते हैं देश भर में फैले कोरोना वायरस संक्रमण के चलते सरकार द्वारा बैंकों द्वारा नियमों में कुछ रियायत दे दी गई थी। ऐसे में एसबीआई बैंक द्वारा भी कई नियमों में बदलाव किया गया है कि आपका एसबीआई में खाता है
तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी होने वाली है क्योंकि उसका हाथ से SBI 18 सितंबर से अपने कुछ नियमों में बदलाव किया है। यह एटीएम लेनदेन मिनिमम बैलेंस चार्जेस आदि से जुड़े हुए हैं।
ATM Withdrawal
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एसबीआई द्वारा बदले गए नियमों में सबसे पहले नियम की बात करें तो आपको बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक ने एक जुलाई 2020 से अपने एटीएम निकासी नियमों में बदलाव किया था। यदि इन नियमों का पालन नहीं किया गया तो ग्राहकों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। भारतीय स्टेट बैंक की आधिकारिक वेबसाइट द्वारा इस बात की जानकारी दी गई कि एसबीआई मेट्रो शहरों में अपने नियमित बचत खाताधारकों को एटीएम से 1 महीने में मात्र 8 मुक्त मुंबई कर सकते हैं।
SMS Charge 
एसबीआई द्वारा बदला गया दूसरा नियम ऐसे में चार्जर्स को लेकर है। एसबीआई ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा देते हुए इस बात की जानकारी देख ली अब बचत खाताधारकों से बैंक चार्ज नहीं लिया जाएगा। बैंक द्वारा यह सब माफ कर दिया गया है।
ATM Withdrawal Limit
आपको बता दें कि एसबीआई द्वारा बदला गया तीसरा नियम एटीएम से निकासी को लेकर है। एटीएम से 10,000 रुपए से अधिक की निकासी को लेकर नियमों में बदलाव कर दिया गया है। यदि अब आप एसबीआई के एटीएम से 10,000 रुपए  से अधिक की निकासी करते हैं तो आपको ओटीपी की जरूरत होगी। बैंक की इस सुविधा के अंतर्गत कोई भी खाता धारक रात के 8:00 बजे के बाद से लेकर सुबह 8:00 बजे तक एसबीआई के एटीएम से कैश निकालने के लिए ओटीपी की मदद लेगा।
Maintenance Charge
एसबीआई द्वारा बदला गया चौतरा और और आखिरी नियम मेंटेनेंस चार्जेस को लेकर है। एसबीआई ने बचत खाताधारकों से मासिक न्यूनतम राशि रखने पर भी non-maintenance ऑफ मंथली एवरेज बैलेंस हटा दिया है। एसबीआई के 40 करोड़ से भी ज्यादा बचत खाताधारकों के लिए इस सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।
इस साल मार्च में एसबीआई द्वारा यह घोषणा की गई थी कि वह सभी बचत बैंक खातों के लिए औसत मासिक न्यूनतम राशि रखने की अनिवार्यता समाप्त कर देगा। एक समय बैंक मेट्रो शहरों में बचत खाता ग्राहकों को न्यूनतम राशि के रूप में 3000, कस्बों में 2,000 और ग्रामीण इलाकों में 1000 रुपए का मासिक बैलेंस रखने को कहते थे। ऐसा ना होने पर बैंक द्वारा मेंटेनेंस चार्ज लिया जाता था।
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