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IPL की स्पॉन्सरशिप में नहीं रहेंगी चीनी कंपनियां, Paytm और Dream11 जैसी कंपनियों पर उठा सवाल! BCCI ने दिया करारा जवाब..

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जैसा कि आप सभी जानते हैं देश भर में कोरोना वायरस के फैलने के बाद से ही हिना कंपनी को भारत से बॉयकॉट करने की पहल शुरू कर दी गई थी। इस कड़ी में और 49 चाइनीस एप्स को भी भारत में पूरी तरह बैन कर दिया गया है।
चीनी स्मार्टफोन कंपनी वीवो के आईपीएल की कौन सी टीम से बाहर होने के बाद चीन के निवेश वाली भारतीय कंपनियां भी हट जाएगी या नहीं, यह सवाल बेहद बड़ा है। इस सवाल के जवाब में बीसीसीआई ने इस बात की जानकारी दी है कि फिलहाल ऐसा कुछ नहीं होने वाला है।
इतना ही नहीं, देश की क्रिकेट संस्था ने कहा है कि केंद्र सरकार से भी इस तरह का कोई दबाव नहीं है। आपको बता दें कि पेटीएम में भी चीनी कंपनी अलीबाबा का बड़े पैमाने पर शेयर है। इसके साथ ही dream11 बाय जी जैसी फिनटेक और एजुकेट कंपनियां भी अपना निवेश चीनी बाजार में कर चुकी है।
आपको बता दें कि एटीएम के पास भारत के घरेलू मैचों और आईपीएल में अंपायरों की स्पॉन्सरशिप पहले से ही है। क्रिकेट बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी द्वारा बताया गया कि हमारा काम क्रिकेट को बढ़ावा देना है, राजनीतिक बयान देना हमारा काम नहीं है।
हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई के अधिकारी द्वारा यह बात बताई गई है कि पेटीएम dream11 बायज्यूस और स्वीगी जैसी कंपनियां भारत से भी सुचालक होती है और भारतीयों के द्वारा ही स्थापित की गई है। उनके कर्मचारी सबसे ज्यादा भारतीय नागरिक ही हैं। ऐसे में इन कंपनियों को चीनी कंपनियां कहना पूरी तरह गलत है।
बोर्ड के अधिकारी द्वारा यह भी बताया गया कि हमारा फोकस इन सब चीजों पर नहीं है, बल्कि हम आईपीएल के एक सफल सीजन की आयोजन में जुटे हुए हैं।
इतना ही नहीं, आपको बता दीजिए चीनी स्मार्टफोन कंपनी Vivo ने भी IPL 2020 की स्पांसरशिप से अपना हाथ पीछे खींच लिया है। कंपनी ने इस साल के लिए हुए 440 करोड़ रुपए के स्पॉन्सरशिप को खत्म करने का फैसला ले लिया है। अब रिलायंस जियो और बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद समेत कई अन्य भारतीय कंपनियां कौन सा सिम खरीदने में अपनी रुचि दिखा रही हैं।
इतना ही नहीं, यह भी सुनने में आ रही है कि बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि में आईपीएल की स्पॉन्सरशिप को लेने में आई है। वैसे तो एक दौर ऐसा भी था आईपीएल को अश्लील करार देते हुए भारतीय संस्कृति का दुश्मन बताया था। अब पतंजलि का कहना है कि आईपीएल के माध्यम से अपने ब्रांड को ग्लोबल उपस्थिति में दर्ज कराना चाहते हैं।
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