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PMSS: सरकार की इस योजना से मिलेगा छोटे व्यवसाय वालों को फायदा, जानें नियम व शर्तें..

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आए दिन बाजार में मंदी और आर्थिक समस्याओं को देखते हुए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई गई है, जिनसे गरीब तबके वाले लोगों को मदद मिल सके। इसी कड़ी में सरकार ने एक नई योजना चालू की है। इस योजना की शुरुआत रेहड़ी पटरी पर व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए की गई है।
केंद्रीय कैबिनेट ने की टेंडर के लिए विशेष क्रेडिट स्कीम को सोमवार को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे पहले रेहड़ी पटरी वाले बिना किसी देरी के अपना काम धंधा फिर से शुरू कर पाएंगे। सरकार ने ऐसे प्रधानमंत्री स्वनिधि यह पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि नाम से शुरू किया है।
आपको बता दें कि इस विशेष स्कीम के अंतर्गत वेल्डिंग करने वाले 50 लाख स्ट्रीट वेंडर 10,000 रुपए तक का कर्ज प्राप्त कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर ने सोमवार को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक मैं सोमवार को इस बारे में चर्चा की गई। इस स्कीम के अंतर्गत प्रत्येक स्ट्रीट वेंडर 10,000 रुपए का लोन प्राप्त कर सकता है। इस राशि को रेडी पटरी वाले 1 साल के भीतर किस्त में वापस कर सकते हैं। इस लोन को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को 7% का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर उनके खाते में सरकार द्वारा ट्रांसफर भी किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस स्कीम के अंतर्गत जुर्माने का भी कोई प्रावधान नहीं है।
वहीं यदि इस योजना की खास बातों पर ध्यान दिया जाए तो आपको बता दें कि मोबाइल एप और वेब पोर्टल द्वारा इसमें आवेदन किया जा सकता है। वहीं इस लोन के लिए किसी तरह की कोई गारंटी देने की आवश्यकता भी नहीं होगी। 1 साल के लिए 10,000 रुपए तक की शुरुआती लोन राशि तय की गई है।
इतना ही नहीं यदि समय पर या उससे पहले ही कर दे का भुगतान किया जाता है तो वेंडर को 7% की ब्याज सब्सिडी के तौर पर उसके खाते में पहुंचाई जाएगी। पात्र कर्ज लेने वाले व्यक्ति को सब्सिडी का भुगतान छमाही आधार पर किया जाएगा। इतना ही नहीं, समय से पहले यह जल्द भुगतान करने की स्थिति में अधिक लोन की एलिजिबिलिटी भी प्राप्त होगी। इस प्रकार इस योजना के साथ लोन लेने पर डिजिटल लेनदेन की रशीद या भुगतान पर मासिक कैशबैक की सुविधा भी प्राप्त होगी।
आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत का किसका एलान देते हुए इस क्रेडिट फैसिलिटी की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने देश को आत्मनिर्भर बनाने और कोरोना वायरस संकल्प से जंग के लिए 21 लाख रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की थी।
इतना ही नहीं, आपको बता दें कि इस योजना के पहले चरण में ही देश के 108 शहरों की पहचान की गई है। जहां क्यूट वेंडर को कर्जा दिया जाएगा। इन शहरों में जुलाई 2020 से इस योजना की शुरुआत कर दी जाएगी। देशभर में लागू हुए लॉकडाउन के कारण होकर फेरी वाले रेहड़ी पटरी और फुटपाथ पर अपना काम धंधा लगाने वाले तमाम मित्र मंडल को इससे फायदा मिलेगा। इतना ही नहीं, 24 मार्च के बाद से काम बंद होने के कारण इन लोगों की हुई खराब हालत को सरकार सुधारने में लगी हुई।
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