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सरकार दे रही मधुमक्खी पालन को बढ़ावा, आप भी कर सकते हैं अच्छी कमाई..

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देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कई ध्यान देने योग्य बातें की। जिसमें केंद्र सरकार का पूरा ध्यान लोकल पूरा ध्यान लोकल मैन्युफैक्चरिंग, लोकल प्रोडक्ट्स और छोटे उद्योगों पर केंद्रित है  इन्हीं से भारत के आत्मनिर्भर बनने का सपना पूरा हो सकता है। सरकार खादी के साथ दूसरे ग्रामीण उद्योगों को भी आगे की ओर अग्रसर करने पर ध्यान दे रही है।
सरकार ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर शहद का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती हुई नजर आ रही है। केंद्रीय सूक्ष्म लघु एवं मझोले उपक्रमों मंत्रालय ने इसके लिए योजना भी तैयार की हुई है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने पिछले 2 साल से भी कम समय में देश के किसानों और बेरोजगार युवकों को मधुमक्खी पालन के लिए एक लाख से भी अधिक बक्से प्रदान की है। आयोग ने यह हनी मिशन योजना के अंतर्गत किया है।
यदि आप अपना बिजनेस शुरू करने का विचार बना रहे हैं तो आपके लिए भी है। हनी हाउस और हनी प्रोसेसिंग प्लांट काफी फायदेमंद हो सकता है।
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सरकार की हनी मिशन खादी योजना खादी ग्राम उद्योग विभाग द्वारा शुरू की गई है। इसके माध्यम से किसान और पैसा कमाने के लिए अतुल लोग रोजगार शुरू करके इस अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसके माध्यम से लोग हनी मिशन के अंतर्गत मधुमक्खी पालन कर एक अच्छा रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
अब ऐसी तकनीकें आ चुकी है, जिसके माध्यम से शहर निकाला जा सकता है। शेयर निकालते समय मधुमक्खियां नहीं प्राप्त होता है। इसमें न केवल किसान बल्कि बेरोजगार युवक भी एक अच्छे व्यापारी बन सकते हैं।
जैसा कि हमने बताया कि यह सरकार द्वारा स्वीकृत शुरू की गई योजना है तो इसके लिए आपको सरकार सपोर्ट करती है। यदि आप इसे स्कीम के अंतर्गत हनी पश्चिम प्लांट लगाना चाहते हैं तो कमीशन की ओर से आपको 65% सरकार से लोन प्राप्त कर सकता है और खादी ग्रामोद्योग आपको 25% की सब्सिडी भी देगा। जिसका मतलब यह है कि आपको अपनी जेब से केवल  10% योगदान करना होगा।
केवीआइसी के मुताबिक यदि आप 20 हजार किलोग्राम प्रतिवर्ष शहद बनाने वाला प्लांट लगाना चाहते हैं तो इस पर आपको लगभग 24.50 लाख रुपए का खर्चा आएगा। इसमें से आपको लगभग 65% के हिसाब से सरकार द्वारा 16 लाख रुपए का लोन प्राप्त हो जाएगा। जबकि मार्जिन मनी के रूप में 6.15 लाख रुपए मिल जाएंगे और आपको अपनी ओर से इस उद्योग में केवल 10% यानी कि 2.35 लाख रुपए का निवेश करना होगा।
इस उद्योग द्वारा कमाई की बात की जाए तो केवाईआईसी के मुताबिक बताया जाए कि यदि आप प्रतिवर्ष 20 हजार किलोग्राम शहर तैयार करते हैं तो इसकी कीमत 250 रुपए प्रति किलोग्राम होगी। इसमें से 4% वर्किंग लॉस को भी शामिल कर लिया जाए तो उसके उपरांत आप की वार्षिक बिक्री 48 लाख रुपए की होगी।
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