Loading...

एक महिला को बहुत ज्यादा ही क्रोध आता था, गुस्से में वह छोटा-बड़ा कुछ भी नहीं देखती थी, जो भी उसके मुंह में आता वह बोल देती, उसकी इन आदतों की वजह से परिवार वाले और गांव वाले परेशान थे, क्रोध शांत होने

0 75

एक महिला का नाम शांति था। लेकिन वह हमेशा क्रोध में रहती थी। जब उसको क्रोध आता था तो वह छोटा-बड़ा कुछ नहीं देखती थी और कुछ भी बोल देती थी। उस महिला से उसके परिवार वाले और गांव के सभी लोग परेशान थे। हालांकि क्रोध शांत होने पर उस महिला को बहुत ही अफसोस होता था।

वह एक बार प्रसिद्ध संत के पास गई। उसने संत से कहा कि गुरु जी मुझे क्रोध बहुत आता है। इस वजह से सभी लोग मुझसे दूर रहते हैं। मैं अपने बर्ताव को ठीक नहीं कर पा रही हूं। आप मुझे कोई ऐसा उपाय बताइए जिससे मैं अपने क्रोध को शांत कर लूं।

संत ने महिला को एक शीशी दी और कहा कि इस दवाई को पी लेना तुम्हारा क्रोध काबू में आ जाएगा। जब भी तुम को क्रोध आए इस शीशी को अपने मुंह से लगाकर पीना और तब तक पीते रहना जब तक क्रोध शांत ना हो जाए। एक हफ्ते के अंदर ही तुम अपनी समस्या से मुक्ति पालोगी।

अब क्रोध आने पर उस महिला ने दवाई पीना शुरू कर दिया। 1 हफ्ते के अंदर ही महिला का क्रोध काबू में आ गया। वह महिला बहुत खुशी हुई और संत के पास गई। उस महिला ने संत से कहा कि गुरु जी आपने मुझे चमत्कारी रूप दवा दी थी जिससे मेरा क्रोध खत्म हो गया। आप मुझे दवा का नाम बताइए।

Loading...

गुरुजी ने कहा इस दवा में कोई चमत्कारी चीज नहीं बल्कि पानी था। मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि क्रोध आने पर तुम्हें शांत रहना था। तुम को जब क्रोध आता था तो तुम शीशी को मुंह से लगा लेती थी और कुछ नहीं बोल पाती थी। इस वजह से सभी लोग तुम्हारे क्रोध से बच गए। हर किसी को क्रोध आने पर मौन रहना चाहिए।

कहानी की सीख

इस कहानी से हमें सीखने को मिलता है कि क्रोध आने पर कभी भी कुछ भी नहीं बोलना चाहिए। यदि आपको इसके बुरे परिणाम से बचना है तो शांत रहना चाहिए।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.