Loading...

सिर की तकलीफ से परेशान रहता था शख्स, डॉक्टर मामूली समझकर उसे देते रहे माइग्रेन की दवा और फिर

0 1,289

अगर लंबे समय तक छोटी से छोटी समस्या भी बनी रहती है तो वो भयानक रूप धारण कर लेती है. ऐसा ही मामला फ्लोरिडा के रहने वाले एक शख्स के साथ हुआ जो लंबे समय तक सिर की तकलीफ को माइग्रेन समझता रहा. डॉक्टर ने भी कई बार उसे माइग्रेन की दवाइयां दी थी. एक दिन अचानक वो पिकनिक पर बेहोश हो गया. घर वालों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया. आखिरकार जब जांच की गई तो सच्चाई सामने आई.

बताया जा रहा है कि 35 साल के बेरी रीड फ्लोरिडा के ऑरलैंडो में परिवार के साथ वाटर पार्क में पिकनिक पर गए हुए थे. वो वह अचानक वहां पर बेहोश हो जाते हैं. डॉक्टर ने जब इलाज के दौरान उनका सिटी स्कैन किया तो वो हैरान रह गए. जिस सिर की तकलीफ को डॉक्टर माइग्रेन समझकर ट्रीटमेंट करते रहे दरअसल वो एक जानलेवा टयूमर थी.

बेरी ने एक इंटरव्यू में अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्हें शुरुआत में हल्का सिर दर्द होता था, जिसे देख कर कोई अनुमान भी नहीं लगा सकता कि यह एक ट्यूमर है. पर बेहोशी के बाद उन्हें जब होश आता है तो वो एक हॉस्पिटल में थे. यहां पर डॉक्टर उनकी कई जांच कर रहे होते हैं और आखिरकार MRI स्कैन करके डॉक्टर ने बताया कि मिस्टर रीड आपके दिमाग के बाएं हिस्से में एक जानलेवा ट्यूमर है. इस बात को सुनते ही बेरी के पैरों तले जमीन खिसक गई. एक पल के लिए बैरी की जिंदगी रूठ गई थी.

Loading...

डॉक्टरों ने बेरी की जान बचाने के लिए awake craniotomy brain tumour surgery सर्जरी करने का फैसला लिया. इस सर्जरी में व्यक्ति के व्यवहार सोच और दिमाग के दूसरे फंक्शन प्रभावित ना हो इसलिए उसे जगा कर रखा जाता है. सुरक्षा कारणों से इस सर्जरी में दिमाग के हिस्से को केवल सुन्न किया जाता है. इसमें रोगी को बेहोशी वाला एनेस्थीसिया नहीं दिया जाता है.

सर्जरी के बाद हुआ बैरी का ब्रेन टेस्ट

बेरी के दिमाग का टयूमर 3.5 सेमी का था. डॉक्टर ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन करके इस ट्यूमर का ज्यादा तर हिस्सा निकाल दिया, लेकिन दिमाग से चिपके होने के कारण कुछ हिस्सा नहीं निकाल पाए. ऑपरेशन के बाद बेरी पर सर्जरी के प्रभाव को जानने के लिए डॉक्टर ने उनका कुछ दिन बाद ब्रेन टेस्ट किया. इस टेस्ट में बेरी से बात की गई और उन्हें समझाने की भी कोशिश की गई.

कई लोगों के लिए बन गया सबक

बेरी की समस्या को देखते हुए उनकी सर्जरी करने वाले सीनियर सर्जन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आजकल के लोग सिर दर्द को माइग्रेन जैसी समस्या समझ कर अपने स्तर पर खुद ही मेडिसिन ले लेते हैं. लेकिन ऐसा गलत होता है, किसी भी बीमारी का इलाज डॉक्टर सही ढंग से कर पाता है.

ऐसे में हर लोगों को बेरी की बीमारी से सबक लेकर स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह नहीं होना चाहिए.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.