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शुरू कीजिए रेस्त्रों का बिजनेस, दिन प्रतिदिन बढ़ते ऑनलाइन रीच से बन गया है मोटी कमाई का है सबसे बेहतर ऑप्शन

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अगर भारत की बात की जाए तो यहां फूड बिजनेस एक ऐसा बिजनेस है जो सबसे ज्यादा डिमांड वाला व्यवसाय माना जाता है. दरअसल अभी कुछ दिनों पूर्व आई एक रिपोर्ट भी इसी ओर इशारा करती है. जी हां, दरअसल पिछले दिनों आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्त्रां बिजनेस के बेहतर मौके आए हैं.

दरअसल ऑनलाइन फूड डिलिवरी की बढ़ती मांग के कारण ये इंडस्ट्री हिट साबित हुई है. मालूम हो कि साल 2020 तक इस बिजनेस के 318 बिलियन डॉलर यानी कि करीब 22.66 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है.

जी हां, तो ऐसे में अगर आप भी अपना बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो रेस्त्रां खोलना बेहतर विकल्प है. दरअसल इसमें कमाई के साथ-साथ ग्रोथ की बेहतर संभावना है. तो फिर चलिए बताते हैं इसे शुरू करने का क्या है पूर्ण प्रोसेस..

पहले ये तय करें

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मालूम हो कि रेस्त्रा शुरू करने से पहले इस बात को जरूर जान लें कि ये कई तरह के होते हैं. जी हां, दरअसल इनमें वेज, नॉन वेज और रेस्त्रां विद बार शामिल है. दरअसल इसके बाद यह तय करें कि सिर्फ फास्ट फूड वाला होगा या किसी थीम पर आधारित.

जी हां, जैसे चाइनीज, कॉन्टिनेंटल या कोई और. इसके बाद अपना बजट तय करें. बता दें कि अच्छा रेस्त्रां खोलने के लिए 7-12 लाख रुपए की जरूरत होती है. दरअसल यदि जमीन खुद की हो तो इसकी कॉस्ट और कम हो सकती है.

बिल्डिंग एक्सपेंस

मालूम हो कि एक रेस्त्रां खोलने के लिए ये सबसे महंगा इनवेस्टमेंट है. जी हां, दरअसल इसमें राहत के लिए 2 तरीके हैं. इसके लिए एक किराए पर परिसर ले लें या फिर खुद का हो. बता दें कि 700 से 1500 स्क्वायर फीट जगह में अच्छा रेस्त्रां शुरू किया जा सकता है.

लाइसेंस एवं परमिट

आपको बता दें कि नया रेस्त्रां खोलने के लिए बिजनेस लाइसेंस की जरूरत होती है. जी हां, पहला ये कि आपको फूड सेफ्टी लाइसेंस लेना होता, जो खाद्य विभाग से मिलता है. इसके लिए आपको रेस्त्रां का पूरा खाका, जमीन का हक आदि पेपर तैयार करके विभाग को दिखाने होते हैं.

वहीं दूसरा हेल्थ लाइसेंस होता है जो हेल्थ विभाग और नगर निगम से भी मिलता है. बता दें कि यदि आप बार भी साथ में खोलते हैं, तो आपको इसका लाइसेंस कलेक्ट्रेट से लेना होगा.

इन्श्योरेंस एक्सपेंस

मालूम हो कि जिस जगह आप रेस्त्रां खोल रहे हैं, उसका बीमा जरूर करा लें. जी हां, दरअसल इससे कभी भी परेशानियां होने पर आप सेफ रहते हैं. प्रॉपर्टी डैमेज होने पर इन्श्योरेंस आपके काम आ सकता है.

मार्केटिंग भी है जरूरी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मार्केटिंग किसी भी बिजनेस का एक महत्वपूर्ण पार्ट माना जाता है. दरअसल आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी मार्केटिंग कैसी है.

बता दें कि, ये वो तरीका है जिससे लोग आपके रेस्त्रां उसकी खासियत और रेट के बारे में जान सकते हैं. इसके लिए आप मीडिया में विज्ञापन, सोशल साइट्स पर विज्ञापन या पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

जानिए क्या है सबसे खर्चीला काम

मालूम हो कि कमर्चारियों की संख्या और वेतन, बिल्डिंग के खर्च के बाद यह भी सबसे खर्चीला काम है. हालांकि, शुरुआत में आप कम स्टाफ रखें. बता दें कि जैसे-जैसे रेस्त्रां की ग्रोथ हो आप आगे बढ़ते जाएं. उनकी संख्या और वेतन के साथ ही उनकी गुणवत्ता का भी घ्यान रखें.

दरअसल किचन का सामान खरीदते वक्त थोड़ी सावधानी रखें. एक तो किसी एक्सपर्ट को साथ रखें वहीं दूसरा मेन्यू का ध्यान रखें. बता दें कि ऐसा न हो कि गलत सामान और क्रॉकरी आ जाए, जिसके खर्च अधिक हो. इसके अलावा ऐसा भी हो सकता है कि आप किसी वेंडर से संपर्क कर लें, जो लिस्ट के मुताबिक आपको सामान दे दे.

फर्नीचर और वर्किंग कैपिटल

मालूम हो कि फर्नीचर चुनते वक्त रेस्त्रां की थीम, दीवारों का पेंट और बिजनेस की रूपरेखा का ख्याल रखें. दरअसल अच्छा रहेगा किसी एक्सपर्ट के जरिए इस काम को कराएं. यही नहीं, इसके अलावा वर्किंग कैपिटल का ख्याल रखें.

आपको बता दें कि बिजनेस शुरू करने के बाद काफी दिन तक छोटे-छोटे खर्च लगे रहते हैं. जी हां, दरअसल शुरुआती दिनों में इसमें मुनाफा भी नहीं होता. बता दें कि ऐसे परिस्थितियों के लिए आप खुद को आर्थिक और मानसिक रूप से तैयार रखें.

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