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BCCI अध्यक्ष बने रहने पर बढ़ सकती हैं गांगुली की मुश्किलें, संविधान में बदलाव पर जताई गई नाराजगी

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बीसीसीआई लोढ़ा कमेटी द्वारा बनाए गए संविधान में बदलाव करने की योजना में है. लोढ़ा कमेटी की तरफ से गोपाल शंकरा नारायणन ने संविधान का ड्राफ्ट तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने बीसीसीआई द्वारा संविधान में बदलाव किए जाने के फैसले पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मजाक उड़ाने जैसा है.

शंकर ने कहा- इस मामले में अभी भी सुप्रीम कोर्ट की बड़ी भूमिका है और इसमें उनको ठोस कदम उठाना चाहिए. वरना बीसीसीआई के प्रशासनिक ढांचे को तैयार किए जाने में जो मेहनत की गई, वह व्यर्थ हो जाएगी. ईएसपीएन से बातचीत के दौरान शंकर ने कहा कि अगर इसमें बदलाव होता है और इसको चुनौती नहीं दी जाती या फिर सुप्रीम कोर्ट से कोई इसको लेकर चैलेंज नहीं कर पाया. इस पर स्वतः संज्ञान नहीं लिया जाता तो यह सुप्रीम कोर्ट का मजाक उड़ाने जैसा होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सालों में जो कुछ भी किया उसका भी मजाक बनाना ही होगा. बता दें कि शनिवार को नए संविधान में बदलाव का प्रस्ताव उस समय सामने आया जब बीसीसीआई के नए सचिव जय शाह ने 1 दिसंबर को बोर्ड की जनरल मीटिंग का एजेंडा बताया. शंकरनारायण ने कहा- जहां तक क्रिकेट में बदलाव का सवाल है तो यह पूरी तरह से वापस लौटने जैसा होगा. जो ज्यादातर बदलाव है उनको वैसा ही रहने देना चाहिए.

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