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करते हैं LPG सिलेंडर का इस्तेमाल तो इसे लेते हुए भूलकर भी न करें ये गलती, जानिए क्या

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूं तो कई महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं जिनसे सभी देशवासियों के भला हो रहा है लेकिन एक योजना ऐसी भी है जो स्वयं पीएम मोदी के दिल के करीब है. जी हां, दरअसल हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की.

आपको बता दें कि इस योजना के तहत भारत के हर परिवार को एलपीजी गैस कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है. हालांकि, महानगरों में तो अब काफी हद तक पीएनजी यानी कि पाइप वाली रसोई गैस का इस्तेमाल होने लगा है. लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में घर ऐसे हैं जहां रसोई का चूल्हा गैस सिलेंडर से ही जलता है.

अब भले ही हर घर में रोजाना गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता हो, लेकिन सिलेंडर से जुड़ी तमाम बातें ऐसी हैं, जिनके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं. जी हां, जैसे- खाने-पीने के सामान और दवाओं की तरह गैस सिलेंडर की भी एक्सपायरी डेट होती है और एक्सपायरी निकलने पर गैस सिलेंडर आपके लिए खतरनाक हो सकता है. यही कारण है कि आज हम आपको कुछ ऐसी ही जानकारियों के बारे में बताने जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में..

गैस सिलेंडर की एक्सपायरी

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आपको बता दें कि जब भी आप एजेंसी से या फिर डिलीवरीमैन से गैस सिलेंडर लें तो उस पर छपी हुई एक्सपायरी की तारीख जरूर देख लें. जी हां, दरअसल एक्सपायरी डेट के बाद सिलेंडर पर लगी सील की पकड़ कमजोर होने लगती है।

बता दें कि ऐसा होने से सिलेंडर से गैस लीक होने लगती है और सिलेंडर फटने का डर बना रहता है. बता दें कि एक्सपायर सिलेंडरों की तेल कंपनियां फिर से जांच करती हैं और जांच करके सिलेंडर पर नई तारीख डाली जाती है.

इस तरह पहचानें एक्सपायरी डेट

मालूम हो कि एक्सपायरी डेट दरअसल एक कोड में होती है. इस कोड में सिलेंडर के एक्सपायर होने का महीना और साल लिखा होता है. बता दें कि गैस कंपनियां पूरे साल को चार हिस्सों में बांट देती हैं.

मालूम हो कि जनवरी-फरवरी-मार्च तक के लिए ए (A) अप्रैल-मई-जून का कोड है बी (B), इसी तरह जुलाई-अगस्त-सितंबर का कोड होता है सी (C) और अक्टूबर-नवंबर-दिसंबर का कोड होता है डी (D).

जी हां, जैसे उदाहरण के लिए गैस सिलेंडर पर कोड डला हुआ है B.25. दरअसल इसका मतलब ये हुआ कि वह गैस सिलेंडर बी (B) यानी अप्रैल-मई-जून 2025 को एक्सपायर हो जाएगा. बता दें कि इसके तारीख के बाद किसी भी तरह की दुर्घटना की जिम्मेदारी तेल कंपनी की नहीं होती है.

लीकेज की जरूर कर लें जांच

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिलेंडर लेते समय हमेशा अच्छी तरह से उसे जांच लें. जी हां, दरअसल कई बार गैस सिलेंडर नीचे की ओर गले हुए होते हैं और गली हुई जगह से गैस लीक होने लगती है. बता दें कि सिलेंडर में जहां सील लगी होती है, सील हटाकर भी लीकेज की जांच कर लें.

खुद सिलेंडर लाने पर मिलेंगे पैसे

मालूम हो कि यदि आप अपना गैस सिलेंडर गोदाम से खुद ही लेकर आते हैं तो आप सिलेंडर की कीमत में से डिलीवरी चार्ज कम करवा सकते हैं.

जी हां, दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि गैस एजेंसी आपके घर सिलेंडर पहुंचाने के लिए डिलीवरी चार्ज वसूल करती है और वह चार्ज गैस सिलेंडर की कीमत में ही जुड़ा होता है. बता दें कि इस समय डिलीवरी चार्ज 19.50 रुपये है.

यहां पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत

बता दें कि अगर आपको गैस सिलेंडर से जुड़ी कोई शिकायत है तो आप आप टोल फ्री नंबर 18002333555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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