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अगर आपके पास भी है PPF अकाउंट है तो जान लें ‘फॉर्म H’ के बारे में, इस प्रकार कराएगा लाभ

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अगर आप भी उनमें से हैं जो लॉन्ग टर्म के लिए किसी सेविंग्स में निवेश करना चाहते हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी कि PPF सबसे सुरक्षित और अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. बता दें कि PPF का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें जमा किया जाने वाला पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाला अमाउंट तीनों इनकम टैक्स से मुक्त हैं.

मालूम हो कि अक्टूबर-दिसंबर 2019 अवधि के लिए PPF पर ब्‍याज दर 7.9 % है. दरअसल इसे किसी भी ऑथराइज्ड बैंक और पोस्ट ऑफिस में केवल 100 रुपये के मिनिमम अमाउंट से खुलवाया जा सकता है. बता दें कि PPF में एक वित्त वर्ष के अंदर न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है.

जानकारी के लिए बता दें कि PPF का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल होता है. चाहें तो मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने के बाद भी इसे 5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है.

दरअसल इन अगले 5 सालों में हर वित्त वर्ष न्यूनतम निवेश डाले जाने की बाध्यता नहीं रहती. यानी इसका मतलब यह है कि बिना नया पैसा डाले भी PPF अकाउंट जारी रहेगा और मौजूदा बैलेंस पर ब्याज का फायदा मिलता रहेगा.

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आपको बता दें कि बिना नया पैसा डाले PPF अकाउंट को मौजूदा बैलेंस के साथ ही आगे बढ़ाने पर आपको हर वित्त वर्ष में एक बार आंशिक रूप से तय रकम निकालने का मौका रहेगा. हालांकि एक बार 5 साल का पीरियड लॉक होने के बाद इसके पूरा होने तक PPF अकाउंट में बीच में कोई नया निवेश नहीं किया जा सकेगा.

फॉर्म H का ये है रोल

मालूम हो कि यदि PPF अकाउंट को निवेश जारी रखते हुए आगे बढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए फॉर्म H भरना होता है. जी हां,दरअसल यदि आपने पोस्ट ऑफिस में PPF अकाउंट खुलवा रखा है तो यह फॉर्म आपको ऑनलाइन ही उपलब्ध है, जिसे डाउनलोड कर भरकर पोस्ट ऑफिस ब्रांच के अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जमा किया जा सकता है.

वहीं दूसरी ओर अगर किसी बैंक में PPF अकाउंट है तो संबंधित बैंक ब्रांच से फॉर्म H लेकर भरा जा सकता है. बता दें कि फॉर्म उसी पोस्ट ऑफिस/बैंक ब्रांच में जमा होगा, जहां PPF अकाउंट खोला गया है.

यहां एक बात को याद रखें निवेश के साथ PPF अकाउंट एक्सटेंड करने के लिए 15 साल पूरे होने के बाद एक साल के अंदर ही अप्लाई करना होता है. दरअसल यदि आप बैंक/पोस्ट ऑफिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं देते हैं तो इसे बैंक/पोस्ट ऑफिस की ओर से खुद ही आगे बढ़ा दिया जाएगा. बता दें कि ऐसे में मौजूदा बैलेंस पर ब्याज तो मिलता रहेगा लेकिन आप निवेश नहीं कर सकते.

वहीं दूसरी ओर यदि फॉर्म H भरे बिना खाते में एक साल से अधिक समय तक रकम जमा करते रहेंगे तो आपका नया निवेश अनियमित माना जाएगा और इस पर आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा. यही नहीं, इसके साथ ही इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत कोई लाभ भी नहीं मिलेगा.

विस्तार अवधि में आंशिक निकासी

आपको बता दें कि यदि आपने PPF अकाउंट में योगदान के साथ इसे विस्तार करने का आवेदन किया है तो आप इस खाते से आंशिक निकासी ही कर सकते हैं. दरअसल 5 साल की अवधि में कुल निकासी 60% से अधिक नहीं होनी चाहिए.

दरअसल इस लिंक https://www.indiapost.gov.in/VAS/Pages/Form.aspx पर आपको पोस्ट ऑफिस सेविंग्स से जुड़े हर तरह के फॉर्म मिल जाएंगे.

वहीं PPF अकाउंट एक्सटेंशन के लिए फॉर्म एच डायरेक्टली इस लिंक https://www.indiapost.gov.in/VAS/DOP_PDFFiles/form/PPFContinuation.pdf से डाउनलोड किया जा सकता है.

बता दें कि SBI पर भी फॉर्म H ऑनलाइन मौजूद है. इसे आप दिए गए लिंक https://retail.onlinesbi.com/sbi/downloads/PPF/FORM-H_(PPF%20EXTENTION).pdf से डाउनलोड कर सकते हैं.

PPF से जुड़ी ये हैं अन्य अहम बातें..

मालूम हो कि PPF अकाउंट जॉइंट में नहीं खुलवाया जा सकता लेकिन इसके लिए नॉमिनी बनाया जा सकता है. साथ ही इसे नाबालिग के नाम पर भी खुलवाया जा सकता है.

बता दें कि कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर एक से ज्यादा PPF अकाउंट नहीं खुलवा सकता, फिर भले ही पोस्ट ऑफिस में खुलवाए या बैंक में.

मालूम हो कि वैसे तो PPF अकाउंट को 15 साल का मैच्योरिटी पीरियड खत्म होने से पहले बंद नहीं कराया जा सकता लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है.

जी हां, दरअसल साल 2016 में PPF नियमों में हुए संशोधनों के बाद PPF अकाउंट को गंभीर बीमारी का इलाज, बच्‍चों की उच्‍च शिक्षा आदि जैसी जरूरतों पर समय से पहले बंद कराया जा सकता है.

अब चूंकि PPF एक लॉन्ग टर्म सेविंग्स स्कीम है, इसलिए खाताधारक को सुविधा दी गई है कि PPF अकाउंट के 6 वित्त वर्ष पूरे होने पर 7वें वित्त वर्ष से वह इसमें से आंशिक विदड्रॉल कर सकता है.

मालूम हो कि यदि आपको लोन की जरूरत है और आपके पास लोन लेने के लिए कोई बेस या गारंटी नहीं है तो आप PPF को जरिया बना सकते हैं. बता दें कि इसके लिए कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं है.

बता दें कि PPF पर लोन अकाउंट खुलने के बाद तीसरे और छठे वित्त वर्ष के बीच में ले सकते हैं. यानी इसका मतलब यह है कि लोन लेने के लिए आपके अकांउट के 2 वित्‍त वर्ष पूरे होना जरूरी हे.

मालूम हो कि लोन की लिमिट दूसरे वित्‍त वर्ष के आखिर में मौजूद PPF बैलेंस के 25% से ज्‍यादा नहीं हो सकती. वहीं अकाउंट से विदड्रॉल शुरू होने के बाद आप PPF पर लोन नहीं ले सकते.

बता दें कि कस्टमर PPF अकाउंट को मौजूदा बैंक या पोस्ट ऑफिस से उसी बैंक की किसी अन्य ब्रांच, किसी अन्य बैंक, पोस्ट ऑफिस की एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच, बैंक से पोस्ट ऑफिस या पोस्ट ऑफिस से बैंक में ट्रांसफर करा सकते हैं.

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