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मोदी सरकार बदलेगी 100 करोड़ रु की इस योजना से किसानों की किस्मत, जानिए इसके बारे में

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अगर आप भी युवा हैं और को-ऑपरेटिव सोसाइटी बना कर सोशल एंटरप्रेन्योरशिप में हाथ आजमाना चाहते हैं तो बता दें कि आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. दरअसल सरकार एग्री को-ऑपरेटिव्स के लिए नई योजना लेकर आ रही है.

मालूम हो कि इस योजना का नाम ‘युवा सहकार योजना’ होगा. दरअसल इस योजना की शुरुआत कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 11 अक्टूबर को प्रगति मैदान में लगने वाले इंडिया इंटरनेशनल को-ऑपरेटिव ट्रेड फेयर यानी कि IICTF में किया.

आपको बता दें कि चीन की तर्ज पर किसान सहकारिता से गांवों में अर्थक्रांति लाने के लिए मोदी सरकार 100 करोड़ रुपए के बजट के साथ युवा-सहकार नाम से एक नवाचारी योजना शुरू कर रही है.

दरअसल एक खास बात ये है कि आज से ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं, जिसमें भारत और चीन के बीच कई अहम समझौते होने की उम्मीद की जा रही है.

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आपको बता दें कि भारत सरकार की स्टार्टअप और स्टैंडअप इंडिया कार्यक्रमों की तरह युवाओं को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम यानी कि एनसीडीसी ने युवा सहकार सहकारी उद्यम सहायता व नवाचारी योजना-2019 की परिकल्पना की है.

दरअसल इस योजना का मकसद सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाना है. इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग शुरू करने के लिए सरकार की ओर से बेहद कम ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा.

जानिए किन संस्थाओं को मिलेगी प्राथमिकता

मालूम हो कि मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सरकार की इस योजना में देश के पूर्वोत्तर इलाके के सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ नीति आयोग द्वारा चिन्हित आकांक्षी जिलों में पंजीकृत सहकारी और शतप्रतिशत महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और शारीरिक रूप से अशक्त सदस्य वाले सहकारिता को विशेष प्रमुखता दी जाएगी.

आपको बता दें कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि हमारे 94% किसान कम से कम एक सहकारिता संस्थान के सदस्य हैं. दरअसल सहकारिता क्षेत्र में कृषि निर्यात को मौजूदा 30 अरब डॉलर से 2022 तक 60 अरब डॉलर तक पहुंचाने की क्षमता है. दरअसल इस मेले में 35 देशों की करीब 150 सहकारी समितियां व 20 केंद्रीय व राज्य स्तरीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं.

मालूम हो कि इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश भी शामिल हैं. दरअसल इस मेले का आयोजन राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम ने कृषि एवं वाणिज्य मंत्रालय के सहयोग से नाफेड और एपीडा जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर किया है.

दरअसल तोमर ने कहा कि भारतीय अंतरराष्ट्रीय सहकारिता व्यापार मेले का आयोजन पहली बार हो रहा है. बता दें कि यह भारतीय सहकारी उत्पादों के निर्यात संवर्द्धन का एक प्रमुख मंच होगा.

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