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प्रधानमंत्री पेंशन योजना: ये किसान नहीं होंगे 3000 रु महीना पाने के पात्र, जानिए इससे जुड़े सभी नियमों के बारे में

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केंद्र की मोदी सरकार का मुख्य फोकस शुरू से ही किसानों पर रहा है. इसी का नतीजा है कि सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना यानी पेंशन स्कीम जैसी योजना की शुरुआत की है. बता दें कि इस योजना के तहत देश के करीब 12 करोड़ किसान आएंगे.

दरअसल पहले चरण में 5 करोड़ किसानों को इसका फायदा मिलेगा. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें इसका फायदा नहीं मिल पाएगा. बता दें कि कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया है कि किसान पेंशन योजना के लिए कुछ शर्तें तय की गई है.

मालूम हो कि किसान पेंशन योजना के तहत 60 साल की उम्र में 3000 रुपये महीने की पेंशन मिलेगी. लेकिन हर कोई इस स्कीम का हकदार नहीं है. जी हां, दरअसल कृषि मंत्रालय की ओर से जारी शर्तों के मुताबिक, इस स्कीम में 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य जमीन के मालिक और लघु और सीमांत किसान ही जुड़ सकते हैं.

यानी कि इसका मतलब साफ है कि अगर किसी के पास इससे अधिक कृषि योग्य जमीन है तो उसे इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा. ऐसे में चलिए जानते हैं कि प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना यानी पेंशन स्कीम से जुड़ी सभी शर्तों के बारे में..

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बता दें कि राष्ट्रीय पेंशन स्कीम, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) स्कीम, कर्मचारी भविष्य निधि स्कीम (EPFO) आदि जैसी किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा स्कीम के दायरे में शामिल लघु और सीमांत किसान.

मालूम हो कि वे किसान जिन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय दवारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के लिए विकल्प चुना है.

दरअसल वे किसान जिन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय दवारा संचालित प्रधान मंत्री लघु व्यपारी मान-धन योजना के लिए विकल्प चुना है.

बता दें कि अच्छी आर्थिक स्थिति वाले इन कैटगरी के लोगों को इसका लाभ नहीं मिलेगा. जैसे इंस्टीट्यूशनल लैंड होल्डर आदि.

इसके अलावा भतपूर्व और वर्तमान संवैधानिक पद धारक.

आपको बता दें कि भूतपूर्व और वर्तमान मंत्री/राज्य मंत्री और पूर्व और वर्तमान लोकसभा/राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं/राज्य विधान परिषदों के सदस्य. पूर्व और वर्तमान मेयर, जिला पंचायतों के अध्यक्ष.

वहीं केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों/कार्यालयों/विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के सभी कार्यरत या रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी. मालूम हो कि स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों को भी इसका लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि निगमों के मल्टी टास्किंग स्टाफ और ग्रुप डी कर्मचारी इसका फायदा ले पाएंगे.

इसके अलावा वे सभी व्यक्ति जिन्होंने पिछले साल टैक्स का भुगतान किया है.

बता दें कि डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर लोगों को इसका लाभ नहीं मिलेगा.

पैसा दिए बिना भी मिल सकता है लाभ

आपको बता दें कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजबीर सिंह के मुताबिक रजिस्ट्रेशन के लिए कोई फीस नहीं लगेगी. जी हां, दरअसल यदि कोई किसान पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहा है तो उससे इसके लिए कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा.

मालूम हो कि इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्‍प चुन सकते हैं. बता दें कि इस तरह उसे सीधे अपनी जेब से पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा.

हालांकि, आधार कार्ड सबके लिए जरूरी है. मालूम हो कि यदि कोई किसान बीच में स्कीम छोड़ना चाहता है तो उसका पैसा नहीं डूबेगा. दरअसल उसने स्कीम छोड़ने तक जो पैसे जमा किए होंगे उस पर सेविंग अकाउंट के ब्याज का ब्याज मिलेगा. बता दें कि इस तरह किसी भी किसान के लिए यह स्कीम घाटे का सौदा नहीं हैं.

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