Loading...

अब अगर बच्चों ने तोड़ा मोटर वाहन कानून तो माता-पिता को माना जाएगा दोषी, जाना पड़ेगा जेल

0 14

आपको याद होगा कि मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव हो गए हैं। जी हां, दरअसल हाल ही में यानी कि 9 अगस्त 2019 को मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 को देश के राष्ट्रपति की सहमति प्राप्त हुई थी। दरअसल इस अधिनियम में बच्चों द्वारा वाहनों का उपयोग करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।

आपको बता दें कि इस कानून में जोड़ी गई नई धारा 199A के अनुसार अगर किसी किशोर द्वारा मोटर वाहन अपराध किया गया है, तो उस किशोर के माता-पिता या अभिभावक या मोटर वाहन के मालिक को कानून के उल्लंघन का दोषी माना जाएगा। दरअसल, वह कानून के अनुसार कार्यवाही के लिए उत्तरदायी होगा और उसे दंडित किया जाएगा।

अभिभावक को हो सकती है 3 साल की कैद

मालूम हो कि लाइव लॉ में छपी खबर की मानें तो इस धारा के स्पष्टीकरण में यह साफ कहा गया है कि न्यायालय यह मान लेगा कि किशोर द्वारा मोटर वाहन का उपयोग ऐसे किशोर के संरक्षक या मोटर वाहन के मालिक की सहमति से किया गया था।

Loading...

बता दें कि किशोर द्वारा अपराध में शामिल मोटर वाहन का पंजीकरण 12 महीने की अवधि के लिए रद्द कर दिया जाएगा। मालूम हो कि पेनल्टी के अलावा ऐसे वाहन का संरक्षक या मालिक, 3 वर्ष तक की कारावास की सजा के लिए उत्तरदायी होगा और उसपर 25,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा।

25 साल की उम्र तक नहीं मिलेगा ड्राइविंग लाइसेंस

आपको बता दें कि न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किशोर के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। दरअसल जिस किशोर ने ऐसा अपराध किया है, वह 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस या लर्नर लाइसेंस प्राप्त करने का पात्र नहीं होगा।

हालांकि यदि अभिभावक या मालिक यह साबित करते हैं कि वह अपराध उनके ज्ञान के बिना किया गया था या उन्होंने इस तरह के अपराध के कमीशन को रोकने के लिए उचित कदम उठाए थे, तो वे सजा से बच सकते हैं।

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.