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अगर चढ़ जाए नस पर नस तो तुरंत अपनाइए देसी टोटके, झट से मिलेगा आराम

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कई बार ऐसा होता है कि काम करते करते अचानक से हमारी नसों में दर्द होने लगता है। जिसे हम नस चढ़ना कहते हैं। हालाकिं यह नस पर नस चढ़ने से मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है। जिसके कारण कभी-कभी बहुत ज्यादा तेज दर्द होता है। इतना ही नहीं इसके कारण कभी-कभी सूजन भी आ जाती है। हालांकि यह दर्द और सूजन थोड़े समय के लिए होती है। आपको बता दें कि यह समस्या ज्यादातर हाथ-पैर गर्दन पेट में होती है। नस चढ़ जाने पर अक्सर लोग समझ नहीं पाते हैं कि क्या हुआ और वह क्या करें। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप किन किन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

जानिए नस चढ़ने के प्रमुख कारण

शारीरिक कमजोरी होना।

ज्यादा तनाव लेना।

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गलत तरीके से बैठना।

गलत खान-पान का सेवन करना।

पूरी तरीके से नींद ना लेना।

आइए आज हम आपको बताते हैं कि नस चढ़ने पर आपको क्या-क्या करना चाहिए

जिस हिस्से में नस चढ़ी हो उसके विपरीत भाग के कान के निचले हिस्से पर उंगली से दबाते हुए 10 सेकंड तक उस उंगली को वहीं रखें। ऐसा करने से तनाव रिलीज होगा और नस उतर जाएगी।

जिस तरफ खिंचाव है उस तरफ की उंगली के नाखून और स्किन के बीच के भाग को दबाएं और उसे तब तक दबाए रखें। जब तक की नस उतर ना जाए।

नस चढ़ने पर उस हिस्से को स्ट्रेच करें। तब आपकी मांसपेशी जिस तरफ खिंची होती है। वह उससे उल्टी तरफ खींचने लगती है। और नस उतर जाती है।

नस चढ़ जाने पर थोड़ा सा नमक खाएं और उसको हल्के हल्के से चाटते रहे।

कभी-कभी शरीर में पोटेशियम की मात्रा कम होने से नस चढ़ जाती है। ऐसे में आप इस दर्द से निजात पाने के लिए केले का सेवन करें।

जिस हिस्से मे नस चढ़ी हो । उस हिस्से में बर्फ को कपड़े में बांधकर इसकी सिकाई करें ऐसा करने से आपको आराम मिल जाएगा।

अगर सोते वक्त नस चढ़ जाए तो पैर को किसी ऊंची जगह पर रख दें। या पैर के नीचे तकिया रख लें ऐसा करने से आराम मिलेगा।

अगर आपके हाथ पैर या गर्दन की नस चढ़ गई है तो आप तुरंत ऑयल का मसाज लें। ऐसा करने से खून का दौरा बढ़ जाता है और आराम मिलता है।

जानिए डॉक्टर के पास कब जाना है

आमतौर पर चढ़ी हुई नस कुछ देर बाद उतर जाती है लेकिन अगर नस नहीं उतरे तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए।

नस चढ़ने के बाद ज्यादा तेज दर्द होने पर।

बार-बार नस चढ़ने की समस्या होने पर।

नस चढ़ने के बाद असहनीय दर्द होने पर।

किसी जोड़ में जकड़न होने पर।

नियमित रूप से इस परेशानी से निजात पाने के लिए।

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