Loading...

Paytm ने अपने ग्राहकों को दी चेतावनी, अगर नहीं दिया ध्यान तो खाली हो जाएगा आपका अकाउंट

0 24

अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो मोबाइल वॉलेट इस्तेमाल करते हैं और वॉलेट से अपने बैंक अकाउंट को जोड़कर रखते हैं तो बता दें कि ये खबर आपके बहुत काम की साबित हो सकती है. जी हां, दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि अगर केवाईसी के चक्कर में आपने कोई ऐप डाउनलोड की तो इन वॉलेट्स के जरिए आपका अकाउंट खाली हो सकता है.

मालूम हो कि भारत के सबसे बड़ी मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम ने ग्राहकों के लिए चेतावनी जारी की है. दरअसल पेटीएम ने कहा है कि केवाईसी कराने के चक्कर में आप फंस सकते हैं इसलिए ध्यान देना बहुत आवश्यक है.

KYC करा रहे हैं तो ध्यान रखें इन बातों का

दरअसल Paytm ने इस संबंध में एक चेतावनी जारी कर कहा है कि अकाउंट की KYC करा रहे हैं तो आपको और भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. जी हां, बता दें कि पेटीएम ने नोटिफिकेशन जारी कर यूजर्स को केवाइसी के लिए एनीडेस्क और क्विकस पॉर्ट जैसे ऐप डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी है. दरअसल कंपनी का यह कहना है कि पेटीएम एग्जिक्यूटिव के जरिए ही केवाईसी की प्रक्रिया को पूर्ण कराएं.

Loading...

खाली हो सकता है आपका अकाउंट

आपको बता दें PayTm ने अपने नोटिफिकेशन में यह कहा है कि अगर आप KYC कराने के लिए इस तरह के ऐप का इस्तेमाल करते हैं तो जालसाज आपका अकाउंट खाली कर सकता है. दरअसल पिछले दिनों रिमोट ऐप जैसे एनी डेस्क और टीम व्यूअर से की जाने वाली धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं.

आरबीआई भी जारी कर चुका है इस बारे में अलर्ट

मालूम हो कि साल 2019 की शुरुआत में ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी इस तरह की ऐप से सावधान रहने की सलाह दी थी. दरअसल आरबीआई ने अलर्ट किया था कि कई बैंकों के नाम से इस ऐप को डाउनलोड करने की सलाह दी जाती है.

हालांकि, ऐसे ऐप आपके फाइनेंस को झटका दे सकते हैं. बता दें कि एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस ने भी अपने ग्राहकों को इन ऐप को डाउनलोड नहीं करने के लिए एसएमएस और ई-मेल के जरिए सूचित किया है.

जानिए किस प्रकार होती है धोखाधड़ी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोगों को फंसाने के लिए जालसाज फर्जी बैंक एग्जिक्यूटिव बनकर फोन करते हैं. जी हां, दरअसल ग्राहकों को बैंक अकाउंट से जुड़ी किसी दिक्कत की जानकारी दी जाती है. बता दें कि ग्राहकों को डराया भी जाता है कि स्टेप्स फॉलो नहीं करने पर नेट बैंकिंग ब्लॉक की जा सकती है. मालूम हो कि ब्लॉक होने की बात सुनते ही ज्यादातर ग्राहक इनके झांसे में फंस जाते हैं. जी हां, इसलिए यह जरूरी है कि बैंक से ही कॉल है या नहीं इसे कन्फर्म जरूर करें.

कोड के जरिए हैक होता है फोन

मालूम हो कि धोखाधड़ी करने वाले अक्सर ग्राहकों को रिमोट ऐप इंस्टॉल करने को कहते हैं. जी हां, दरअसल ऐप इंस्टॉल करने के बाद ग्राहक से वेरिफिकेशन के लिए 9 डिजिट का कोड मांगा जाता है.

बता दें कि यह वही कोड होता है जिससे आपकी डिवाइस का पूरा एक्सेस हैकर के पास पहुंच जाता है. दरअसल आपको पता भी नहीं चलता की आपका फोन अब उसके इशारों पर चल रहा है. मालूम हो कि इसके बात वे डिवाइस की स्क्रीन को लगातार मॉनिटर करते हैं.

आपकी बैंकिंग डीटेल में होता है खतरा

आपको बता दें कि डिवाइस को मॉनिटर करते वक्त ही जालसाज आपकी पूरी डीटेल्स चुरा लेता है. दरअसल इस रिकॉर्ड भी मेनटेन किया जाता है. मालूम हो कि ऐप डाउनलोड करने के बाद ग्राहक जब भी मोबाइल बैंकिंग, पेटीएम या दूसरे मोबाइल वॉलेट से UPI के जरिए पेमेंट करता है तो उसकी पूरी लॉग इन डीटेल हैकर के पास पहुंच जाती है. बता दें कि इसके बाद वह आपका अकाउंट पूरी तरह खाली कर सकता है.

बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बैंकिंग डीटेल्स लीक और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी भी रिमोट ऐप को डाउनलोड या इंस्टॉल ना करें. दरअसल यदि किसी कारण से यह ऐप डाउनलोड करते भी हैं तो वेरिफिकेशन कोड किसी से शेयर न करें. जी हां, फिर चाहें वो बैंक या मोबाइल वॉलेट कंपनी एक्जिक्यूटिव ही क्यों न हो. यहां एक बात का ध्यान दें कि कोई बैंक कभी भी अपने ग्राहक से कोई ऐप डाउनलोड करने को नहीं कहता.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.