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अक्सर इंसानी हड्डियों के साथ दिखाई देते थे आवारा कुत्ते, जब सच्चाई आई सामने तो उड़ गए होश

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कुछ साल पहले साऊथ अमेरिका के पेरू से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई थी जिसने लोगों को हैरत में डाल दिया था। दरअसल, पेरू के हुआंचक्विटो इलाके में 500 साल पहले बलि देकर एक ऐसा राज दफनाया गया था जिसका राज खुलते ही लोग चौंक गए।

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बताया गया कि हुआंचक्विटो इलाके में रहने वाले लोग आवारा कुत्तों से परेशान हो गए थे। क्योंकि वहां कुत्तों के मुंह में अक्सर इंसानी हड्डियां पाई जाने लगी थीं।

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जब इस बारे में पुरातत्व विभाग को पता चला तो उसने इलाके की जांच करवाई गई तो एक बेहद ही डरावना सच सामने आया और उसने सभी को हिलाकर रख दिया।

दरअसल साल 2011 में इस इलाके की खुदाई की गई थी। पुरातत्वविदों को खुदाई में एक 500 साल पुराना कब्रिस्तान मिला। इस कब्रिस्तान से सैकड़ों बच्चों और जानवरों के शव बरामद हुए थे जिसे देखकर हर कोई भौंचक्का रह गया था।

कुछ दिनों बाद में ये भी खुलासा हुआ कि इन बच्चों और जानवरों को वहां बलि देकर दफनाया गया था। यही कारण है कि इस जगह को दुनिया की सबसे बड़ी बलि देने वाली जगह बताया जाता है।

दफनाने के तरीके और बच्चों के शरीर पर मिले निशानों को देखकर लग रहा था कि उन्हें अनुष्ठान के दौरान बलि देने के लिए मारा गया था। जानकारी के लिए बता दें कि विशेषज्ञों ने ये भी अंदाजा लगाया कि 500 साल पहले वहां के लोगों ने विनाशकारी बारिश और बाढ़ के दौरान देवताओं को प्रसन्न करने के लिए ऐसा किया होगा।

जिस जगह से बच्चों की लाशें बरामद की गई थीं, उस जगह को अब ‘हुआंचक्विटो-लास लामाज’ के नाम से जाना जाता है। ये भी बताया गया कि ये कब्रें चिमू सभ्यता की हैं।

दरअसल आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चिमू सभ्यता का विकास 12वीं से 15वीं शताब्दी के बीच हुआ था। बताया जाता है कि इस सभ्यता के लोग चंद्रमा को सूर्य से ज्यादा शक्तिशाली मानते थे और यही वजह है कि वो चंद्रमा की ही पूजा करते थे।

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