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कबाड़ पड़े वाहन की जरूर रद्द करा लें आरसी, वरना फंस सकते हैं भारी मुसीबत में

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अगर आपका कोई पुराना वाहन है जो कबाड़ हो चुका तो उसे नष्ट करने से पूर्व याद से उसकी आरसी जरूर रद्द करा लें। जी हां, दरअसल तभी आपको बीमा का क्लेम मिलेगा। बता दें कि बीमा नियामक इरडा ने सभी बीमाधारकों के लिए गाइडलाइन जारी की है। मालूम हो कि इसमें कहा गया है कि दोपहिया, कार या अन्य वाहन को कबाड़ में बेचने से पहले उसकी आरसी को जमा करना होगा।

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कबाड़ में गए वाहनों से हो रहा है क्राइम

आपको बता दें कि कबाड़ में बेचे गए वाहनों के इंजन व चेचिस नंबर की चोरी कर इससे नकली दस्तावेज बनाए जाते हैं और इसके बाद इसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में जिस भी व्यक्ति के नाम पर वाहन का पंजीकरण रहता है वह मुश्किल में आ जाता है। यही कारण है कि ऐसे किसी वाहन को बेचने से पहले आरसी निरस्त करा लें। बता दें कि इसका कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

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14 दिन में जमा कराएं आरसी की मूल कॉपी

मालूम हो कि बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण यानी कि इरडा ने बीमा कंपनियों को यह साफ निर्देश दिया है कि दुर्घटना के बाद वाहन को कबाड़ बताकर पूरा क्लेम करने वाले धारकों से आरसी रद्द कराने की जानकारी मांगे।

दरअसल नियामक ने कहा है कि मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 55 के तहत ऐसे बीमाधारकों को 14 दिन के अंदर नजदीकी वाहन पंजीकरण कार्यालय में अपने आरसी की मूल प्रति जमा करानी होगी।

आपको बता दें कि यदि आवेदनकर्ता की ओर से इसकी जानकारी नहीं दी गई तो ऐसी स्थिति में बीमा कंपनियां उनका क्लेम निरस्त भी कर सकती हैं।

आरसी रद्द न कराई तो होगा दोतरफा नुकसान

आपको बता दें कि अगर बीमाधारक ने हादसे में कबाड़ हो चुके वाहन की आरसी नहीं रद्द कराई तो उसे दोतरफा नुकसान हो सकता है। जी हां, दरअसल पूरी तरह कबाड़ हो चुके पर क्लेम में कंपनियां बाजार मूल्य या आईडीवी का 75 % भुगतान करती हैं।

यही नहीं, इसके अलावा पंजीकृत वाहन से अगर कोई गंभीर अपराध होता है तो व्हीकल ओनर भी काफी मुश्किल में आ सकता है। यानी हर हाल में आरसी रद्द कराना बेहद जरूरी है।

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