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योगी सरकार का तोहफा: UP में इस काम के लिए सस्ते में मिलेगी जमीन, हजारों को मिलेगा रोजगार

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एक तरफ दिन प्रतिदिन बढ़ती पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें और दूसरी तरफ तेज़ी से बढ़ता प्रदूषण, ये दो ऐसे प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का काफी सुनहरा भविष्य खासतौर पर भारत में दिखलाई दे रहा है।

केंद्र की मोदी सरकार इस पर खास फोकस कर रही है और अब इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी शामिल हो गई है. जी हां, दरअसल योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए यूपी में 600 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के प्लान को मंजूरी दी है.

यहां आपको बता दें कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बहुत समय से काम प्रयास कर रही थी. दरअसल इसी के मद्देनजर सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की यूनिट लगाने वाली कंपनियों को जमीन के सर्किल रेट और टैक्स में भी बड़ी छूट देने की योजना भी शुरू की है.

आपको बता दें इस कड़ी में लखनऊ समेत प्रदेश के 11 शहरों में 600 इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाई जाएंगी. जी हां, दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लखनऊ, कानपुर, आगरा में 100-100 बसें चलाने की योजना है. मालूम हो कि मथुरा, वाराणसी, गाजियाबाद और प्रयागराज में 50-50 बसें चलाने की योजना है. यही नहीं, इसके अलावा बरेली, अलीगढ़, झांसी, मुरादाबाद में 25-25 बसें चलाई जाएंगी.

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600 बसों को दी गई मंजूरी

बता दें कि मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक पिछले महीने उद्योग मंत्रालय को 11 शहरों के लिए 1100 इलेक्ट्रिक सिटी बसें कॉन्ट्रैक्ट पर चलाने का प्रस्ताव भेजा गया था. दरअसल अब इसमें से अभी सिर्फ 600 बसों को मंजूरी मिल गई है. मालूम हो कि मंत्रालय की ओर से एक बस के एवज में 45 लाख रुपये के मूल्य से 270 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद भी मिलेगी.

EV की यूनिट पर मिलेगी 50 लाख की सब्सिडी

मालूम हो कि यूपी सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हिकल्स योजना पर 5 साल में 40 हजार करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट करने का फैसला किया है. जी हां, दरअसल राज्य सरकार का यह मानना है कि इस योजना से 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा.

आपको बता दें कि राज्य की सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मेगा यूनिट लगाने वाले को जमीन खरीदने पर मार्केट या सर्किल रेट का 25 % रिबेट सहित कई सुविधाएं देगी. यही नहीं, इसके साथ ही चार्जिग स्टेशन के लिए प्राइवेट निवेशक को कैपिटल सब्सिडी भी दी जाएगी.

दरअसल प्राप्त जानकारी के मुताबिक सभी शहरों में इन बसों का कॉन्ट्रैक्ट पर चलाया जाएगा. बता दें कि इन ऑपरेटर्स का चयन टेंडर के जरिए होगा. मालूम हो कि बस संचालन करने वाली कंपनी को नगरीय परिवहन निदेशालय डिपो में करोड़ों की लागत से बनने वाले चार्जिंग शेड, रूट पर चार्जिंग प्वाइंट और बिजली उपकेंद्र समेत सभी संसाधन मुहैया कराएगा.

सिटी बसें होंगी रक्षाबंधन पर फ्री

आपको बता दें कि इस रक्षाबंधन पर एक खास बात यह होगी कि परिवहन निगम की बसों की तरह महिलाएं लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, मथुरा, प्रयागराज, मेरठ की सिटी बसों में भी निशुल्क सफर कर सकेंगी.

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