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दुनिया की एक ऐसी जगह जहां पर काम नही करता कोई भी इलेक्ट्रिक उपकरण, जानिए वजह

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आप जब कभी भी किसी ऐसी जगह के बारे में सोचते हैं जहां पर हर तरह का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद हो जाए। उस समय हर किसी के दिमाग में सिर्फ एक ही नाम आता है और वह नाम है बरमूडा ट्रायंगल का। लेकिन क्या आपको इस बात की जानकारी है कि हमारी धरती पर सिर्फ बरमूडा ट्राएंगल ही नहीं, बल्कि एक और ऐसी जगह है जहां पर किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम नहीं करता है और इसी वजह से इस जगह का नाम ‛जॉन ऑफ साइलेंस’ है। इस जगह का नाम ‛जॉन ऑफ साइलेंस’ इसलिए रखा गया, क्योंकि यहां पर इसी तरह की ही अजीबो-गरीब घटनाएं होने लगी थी। तो चलिए अब आपको बताते हैं इस क्षेत्र के बारे में और थोड़ी जानकारी।

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ये सुनसान और खामोश दिखाई देने वाला क्षेत्र कहीं और नहीं, बल्कि इस जगह को मेक्सिको में ‛चिहुआहुआ रेगिस्तान’ के नाम से जाना जाता हैं। इस जगह को जो बात सबसे ज्यादा खास बनाती है। वह ये है कि यहां आने के बाद दुनिया का किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम करना बंद कर देता है।

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इस जगह को लेकर लोगों को कहना तो यह भी है कि इस जगह पर कुछ शक्तियों का साया है और उन्हीं शक्तियों की वजह से यहां पर रेडियो फ्रीक्वेंसी काम नहीं कर पाती है। अब यहां पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण काम करना क्यों बंद कर देते हैं इसके बारे में तो अभी तक कोई भी जानकारी नहीं जुटा पाया है।

इस जगह पर किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं चलता है। इसकी जानकारी तब हुई जब यहां से एक अमेरिकी रॉकेट गुजर रहा था। जोकि इस क्षेत्र में आते ही यही गिरकर निष्क्रिय हो गया। वही जब इस जगह की जांच करने के लिए अनुसंधानकर्ता आए तो उनके भी सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया। दरअसल उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे की दिशा सूचक यंत्र और जीपीएस सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। यही नहीं ये क्षेत्र तब सबसे ज्यादा चर्चा में आया था। जब इस जगह पर उल्कापिंड गिरने की घटना सुनने में आई थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस जगह पर सबसे पहला उल्कापिंड साल 1938 में गिरा था। तो वही दूसरा उल्कापिंड साल 1954 में गिरा था। इसके बाद से ही यहां रहने वाले लोगों ने इस क्षेत्र में अजीबो-गरीब घटनाएं होने का दावा भी किया था। साल 1966 की बात है, जब इस क्षेत्र में एक आयल कंपनी तेल की खोज करने के लिए आई थी।

तो उसी ऑयल कंपनी ने ही इस जगह का नाम ‛जॉन ऑफ साइलेंस’ रख दिया था। जो तेल कंपनी यहां पर तेल की खोज करने के लिए आई थी। उस कंपनी के भी सभी उपकरण यहां पर फेल हो गए। यही नहीं कंपनी ने तो इस जगह पर एक बोर्ड भी लगवा दिया था और उस बोर्ड पर लिखा कि यहां पर किसी भी तरह का कोई भी रेडियो सिग्नल काम नहीं करता है।

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