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मोदी सरकार ने लॉन्च की अपनी महत्वकांक्षी ‛वन नेशन-वन राशन कार्ड’ स्कीम, अब कहीं से भी खरीद सकेंगे राशन

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एक देश एक टैक्स यानी कि जीएसटी की तरह ही अब केंद्र की मोदी सरकार वन नेशन वन राशनकार्ड योजना लॉन्च हो गई है. बता दें कि वन नेशन वन राशनकार्ड योजना के लागू होने के पश्चात कोई भी राशनकार्ड धारक देश में किसी भी पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम यानी कि पीडीएस दुकान से राशन खरीद सकेगा.

हालांकि, अभी इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 4 राज्यों में शुरू किया गया है. जी हां, बता दें कि सरकार ने इस दो कलस्टर में बांटा है. मालूम हो कि आंध्र प्रदेश-तेलंगाना और महाराष्ट्र-गुजरात में इसकी शुरुआत की गई है. दरअसल केंद्र सरकार की प्लानिंग है कि स्कीम को 1 जुलाई 2020 तक पूरे देश में लागू किया जाए.

पूरे देश में लागू होगी स्कीम

आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने इस संबंध में कहा कि इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आंध्र प्रदेश के लोग अब तेलंगाना से और तेलंगाना के लोग आंध्र प्रदेश से राशन खरीद सकेंगे. दरअसल यही नियम पूरे देश में लागू होना है.

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मालूम हो कि सरकार का लक्ष्य है कि इसे 30 जून 2020 तक पूरे देश में लागू कर दिया जाए. बता दें कि जून के आखिर में खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक मीटिंग की थी. मालूम हो कि इस मीटिंग में पासवान ने सभी को स्कीम लागू करने के लिए एक साल का वक्त दिया है.

इस स्कीम से क्या होगा फायदा

बता दें कि ‘एक देश-एक टैक्स’ की तरह ही इस स्कीम को शुरू किया गया है.

दरअसल इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा गरीबों को मिलेगा.

मालूम हो कि एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट होने वालों को मिलेगा फायदा.

दरअसल इससे सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि फर्जी राशन कार्ड पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी.

मालूम हो कि सभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने और प्वाइंट ऑफ सेल यानी कि Point of Sale, PoS मशीन के जरिए अनाज बांटने की व्‍यवस्‍था जल्द शुरू होगी.

बता दें कि 85% आधार कार्ड पॉइंट ऑफ सेल मशीन से जुड़ चुके हैं.

मालूम हो कि अब तक 22 राज्यों में 100% पीओएस मशीन लग चुकी है.

जानिए क्या हैं पूरी स्कीम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा इस योजना से फायदा यह होगा कि अब आम जनता किसी भी पीडीएस दुकान से बंधे नहीं रहेंगे और दुकान मालिकों पर निर्भरता घटेगी और भ्रष्टाचार में कमी भी आएगी.

दरअसल इस स्कीम से सरकार सभी राशन कार्ड के लिए केंद्रीय भंडार बनाकर और उन्हें आधार से जोड़कर फुल पोर्टेबिलिटी की सुविधा देगी. बता दें कि इससे लोगों को आसानी होगी, क्योंकि वह किसी एक राशन की दुकान से खरीदारी के लिए मजबूर नहीं होंगे. यानी सबका फायदा निश्चित है.

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