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ESIC ने खत्म किया कार्ड सिस्टम, अब आप इस तरह करा सकेंगे अपना इलाज, लाखों लोगों को होगा फायदा

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अगर आप भी कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम के अतंर्गत आने वाले हैं तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। जी हां, दरअसल कर्मचारी राज्य बीमा निगम भारतीय कर्मचारियों के लिये बीमा धनराशि का प्रबन्धन करता है। आपको बता दें कि कर्मचारी राज्‍य बीमा दरअसल भारतीय कर्मचारियों के लिये चलायी गयी स्व-वित्तपोषित सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य बीमा योजना है। मालूम हो कि सभी स्थायी कर्मचारी जो 21,000 रूपये प्रतिमाह से कम वेतन पाते हैं, इसके पात्र है।

दरअसल अब ESIC के अंतर्गत आने वाले सदस्यों और उनके परिजनों को अब हेल्थ पासबुक मिलेगी। इस इस हेल्थ पासबुक से ही सदस्य अपना इलाज करा सकेंगे। बता दें कि इस पासबुक में ही सदस्य का पूरा ब्योरा होगा और मेडिकल इतिहास भी होगा। यही नहीं, इसके साथ ही प्रदेश के जिन शहरों में बीमा अस्पताल या डिस्पेन्सरी नहीं है, वहां पर निजी डॉक्टर इसी हेल्थ पासबुक से सदस्यों का कैशलेस इलाज भी करेंगे।

मालूम हो कि ईएसआईसी के प्रदेशभर में 20 लाख सदस्यों और उनके परिजनों को क्यूआर कोडेड पासबुक दिए जाने का काम भी शुरू हो गया है। दरअसल इसमें सदस्य का ईएसआईसी मेडिकल स्कीम का नंबर भी दर्ज होगा। बता दें कि पहले सदस्यों को एसिक कार्ड पर इलाज मिलता रहा है लेकिन कुछ साल पहले ईएसआई कारपोरेशन ने इसे बंद कर दिया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब उसकी जगह पर हेल्थ पासबुक योजना को लांच किया गया है। दरअसल पासबुक नियोक्ता और ईएसआईसी के शाखा कार्यालय ही जारी करेंगे। बता दें कि इसके अलावा किसी को इसका अधिकार नहीं दिया गया है। मालूम हो कि पासबुक के ऊपर स्टिकर में पात्रता दर्ज की जाएगी।

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आपको यहां बता दें कि ईएसआईसी मेडिकल स्कीम प्रदेश के 41 जिलों में लागू है और 34 जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। दरअसल बीमा अस्पताल और डिस्पेन्सरी प्रदेश के कुछ ही जिलों में है इसलिए वहां पर ईएसआईसी ने निजी डॉक्टरों से करार कर सदस्यों को इलाज देने की शुरुआत कर दी है।

मालूम हो कि निजी डॉक्टर वहां पर सदस्यों को कैशलेस इलाज देंगे। दरअसल इसी कड़ी में अब ईएसआईसी ने केमिस्ट यानी मेडिकल स्टोर संचालकों से भी करार करने की पहल की है। आपको बता दें कि निजी डॉक्टर सदस्यों या उनके परिजनों को दवाएं लिखेंगे, उन्हें मेडिकल स्टोर संचालक फ्री में देंगे और फिर कारपोरेशन में बिल लगाकर भुगतान लेंगे।

दरअसल ईएसआईसी के अधीक्षक अमित तिवारी के अनुसार हेल्थ पासबुक का वितरण क्रम शुरू किया जा रहा है। साथ ही सदस्यों को जागरूक करने के लिए भी काम हो रहा है। दरअसल इस पासबुक से लाखों लोगों को फायदा होने की संभावना है।

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