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50 हजार रुपये में शुरू हो जाएगा ये बिजनेस, होगी अच्छी कमाई, मोदी सरकार करेगी आपकी मदद

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जब से मोदी सरकार आई है तब से बेरोजगारी कम करने के लिए लोगों को बिजनेस करने के लिए प्रेरित कर रही है। यही कारण है कि ये सरकार नया बिजनेस शुरू करने पर आसान शर्तों पर लोन के साथ साथ सब्सिडी भी दे रही है।

दरअसल ऐसी योजनाओं के बारे में जानकारी न होने के कारण लोग इसका लाभ नहीं उठा पाते। आपको बता दें कि ऐसी ही एक योजना के तहत सरकार 40 % तक सब्सिडी देती है और कम ब्‍याज दर पर 55 % लोन तक दिया जाता है।

मालूम हो कि इस योजना का नाम है क्वॉयर उद्यमी योजना। दरअसल इस योजना के मुताबिक, क्‍वॉयर से जु़ड़े बिजनेस शुरू करने पर सरकार आपको लोन, सब्सिडी के अलावा कई तरह की सुविधाएं देती है। आज हम आपको इस बिज़नेस के बारे में सबकुछ बताएंगे..

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ये है सरकार की योजना

बता दें कि क्‍वॉयर बोर्ड, मिनिस्‍ट्री ऑफ माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज यानि कि MSME के अधीन काम करता है। बता दें कि बोर्ड द्वारा क्‍वॉयर उद्यमी योजना शुरू की गई है, जिसमें 10 लाख रुपए तक के प्रोजेक्‍ट्स को क्रेडिट लिंक्‍ड सब्सिडी दी जाती है।

ऐसे में अगर आप भी बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो केवल 5 % पैसा होने के बाद आप इस स्‍कीम में अप्‍लाई कर सकते हैं। बता दें कि आपका प्रोजेक्‍ट अप्रूव होने पर आपको बैंक 55 % लोन 7 साल के लिए देते हैं, जबकि क्‍वॉयर बोर्ड द्वारा 40 % सब्सिडी दी जाती है।

सरकार देती है ये सर्विसेज भी

इस योजना के तहत सरकार लोन और सब्सिडी के साथ साथ और भी कई तरह की सर्विसेज देती है, जैसे कि बोर्ड मार्केटिंग सपोर्ट असिस्‍टेंस। दरअसल क्‍वॉयर बिजनेस करने वाले उद्यमियों को एक साथ जोड़ कर कलस्‍टर बनाया जाता है और उन्‍हें मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाता है।

सिर्फ इतना ही नहीं, यदि आप अपने प्रोडक्‍ट्स की मार्केटिंग के लिए किसी एग्‍जीबिशन या फेयर में जाते हैं तो बोर्ड द्वारा खर्च वहन किया जाता है। बता दें कि प्रोडक्‍ट्स के लि‍ए शोरूम हायर करने में भी बोर्ड सपोर्ट करता है।

क्या प्रोडक्ट्स बना सकते हैं आप

नारियल जटा से बनने वाले प्रोडक्‍ट्स हैं जैसे-फ्लोर मेट्स, डोर मेट्स, ब्रश, मैट्रेर्स (गद्दे), फ्लोर टाइल, फोम मैट्रेस। दरअसल शहरी लाइफ स्‍टाइल में गद्दों का इस्‍तेमाल बढ़ता जा रहा है, इसलिए इस बिजनेस का काफी स्‍कोप है। इतना ही नहीं, अब इसका इस्‍तेमाल टेक्‍सटाइल में भी किया जा रहा है।

वहीं, क्‍वॉयर फाइबर (नारियल रेशे) से रस्सी, कूलर में इस्‍तेमाल होने वाली घास की भी डिमांड है। इसके साथ-साथ आजकल फैंसी और डिजाइन आइटम्‍स भी तैयार किए जा रहे हैं। क्‍वॉयर यार्न को लेकर भी कई एक्‍सपेरिमेंट्स हो रहे हैं।

कौन कर सकता है अप्लाई

इस स्‍कीम के लिए कोई भी इंडिविजुअल, कंपनी, सेल्‍फ हेल्‍प ग्रुप, एनजीओ, सोसायटी, को-ओपरेटिव सोसायटी, ज्‍वाइंट ग्रुप, चैरिटेबल ट्रस्‍ट अप्‍लाई कर सकते हैं।

कहां करना होगा अप्लाई

इस स्‍कीम के बारे में आप क्‍वॉयर बोर्ड ऑफिस, जिला उद्योग केंद्र, क्‍वॉयर प्रोजेक्‍ट ऑफिस, पंचायतों और बोर्ड द्वारा अप्रूव्ड नोडल एजेंसी में अप्‍लाई कर सकते हैं।

यही नहीं इसके लिए ऑनलाइन अप्‍लाई भी कर सकते हैं। इसके लिए आप http://coirservices.gov.in/frm_login.aspx पर लॉग इन कर सकते हैं।

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