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अमेरिकी सेना का एक ऐसा रहस्यमयी जहाज, जिसे सेना ने कर दिया था अदृश्य, जब वापस आया तो….

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दुनिया में एक ऐसा भी जहाज था जिसे गायब करने के बाद वापिस पाया गया . दरअसल अमेरिकी सेना ने एक नया एक्सपेरिमेंट करने के लिए इस जहाज को गायब करना चाहा और उन्होंने ऐसा कर दिखाया. ”फिलाडेल्फिया एक्सपेरिमेंट” नाम के इस एक्सपेरिमेंट में जब जहाज वापस मिला तो इसमें सैनिकों की दुर्दशा देख सबकी रूह कांप गई. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिकी सेना द्वारा किए गए एक्सपेरिमेंट में उन्होंने अपने कई जांबाज सैनिक खोये थे.

दरअसल द्वितीय विश्वयुद्ध में हर सेना दुश्मन के लड़ाकू विमानों से अपने जहाजों को छुपाने के लिए तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट करती थी. इसी तरह का एक एक्सपेरिमेंट अमेरिकी सेना ने किया. जिसमें उन्होंने जहाज को छिपाने के लिए नए तरीके की खोज की. 28 अक्टूबर 1943 कोई यह एक्सपेरिमेंट करने के लिए पूरी तैयारीया हो चुकी थी.

ऐसे शुरू हुआ एक्सपेरिमेंट

अमेरिकी सेना ने इस जहाज को गायब करने के लिए सैंकड़ों जरनेटर लगाएं. जनरेटर से उन्होंने ऐसा मैग्नेटिक फील्ड बनाना चाहा जिसमें वो इस 1200 टन वजनी युद्धपोत को गायब कर सकें. इस एक्सपेरिमेंट में उनका पहला काम था इस जहाज को रडार की पकड़ से दूर करना और दूसरा वास्तविकता में भी दिखाई न देना.

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जहाज को कर दिया गायब

कहा जाता है कि शुरुआती पलों में ऐसा लगा कि यह एक्सपेरिमेंट कामयाब हो गया है. क्योंकि एक्सपेरिमेंट करने पर यहां हरा धुआं उत्पन्न हुआ जिसमें जहाज समा गया. पहले जहाज राडार की पकड़ से दूर हुआ तो अगले ही क्षणों में वह वास्तविकता में भी दिखाई नही दिया. इस दौरान जहाज के साथ उस पर मौजूद सैनिक और कर्मचारी भी गायब हो गए. एक्सपेरिमेंट की सफलता से अमेरिकी सेना बहुत खुश हुई लेकिन, अगले ही पल में वास्तविकता से रूबरू होने पर सारी खुशी दु:ख में बदल गई.

अमेरिकी सेना के सामने आई विचित्र समस्या

अमेरिकी सेना ने जब इस जहाज को गायब किया तो वह खुशी से फूले से फूले खुशी से फूले नहीं समा रहे थे, लेकिन उन्होंने जब जहाज को वापस लाना चाहा तो जहाज नहीं मिला. साइंटिस्ट और आर्मी ऑफिशल्स के सामने एक विचित्र समस्या आ गई की यह जहाज गायब कहा हुआ है. इसी बीच अमेरिकी नेवी ने सूचना दी कि जहाज एक्सपेरिमेंट की जगह से 300 किलोमीटर दूर है.

सच्चाई जान सबकी रूह कांप गई

अमेरिकी साइंटिस्ट इस बात को देखकर चौंक गए कि जहाज एक्सपेरिमेंट की जगह से मे 300 किमी दूर कैसे गए. जहाज के अंदर का नजारा देख सब सहम गये. साइंटिस्ट ने माना कि जहाज ने टाइम ट्रेवल या टेलिपोर्टेशन किया है. इस जहाज के साथ जो कर्मचारी और सैनिक गायब हुये थे वो ज्यादातर सैनिक अंदर मृत धंसे मिले, बचे-खुचे सैनिक भी पागल हो चुके थे.

अमेरिकी सेना ने जब यह एक्सपेरिमेंट किया उस वक्त यह जहाज समय के भंवर जाल में फंस गया. टाइम ट्रेवल में हर वस्तु डिमेटेरियाल होकर आर पार जा सकती है, लेकिन इसी दौरान जब जहाज को वापस खोजना चाहा तो सभी चीजें ठोस हो गई. इस कारण ज्यादातर सैनिक इन चीजों में धस गये.

कहानी या हकीकत

माना जाता है कि यह कहानी सन 1955 में हुई थी. इस की हकीकत एक साइंटिस्ट ने बताई, जब उसके पास एक अनजान लैटर से एक्सपेरिमेंट के बारे में पता चला. लेकिन अमेरिकी सेना ने इस बात से इंकार कर दिया है कि उन्होंने कभी ऐसा एक्सपेरिमेंट नहीं किया था और ना ही ऐसी घटना हुई थी.

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