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सुबह उठकर कभी न करें ये काम, वरना हो जाएगा पूरा दिन खराब!

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इस दुनिया में हर तरीके के इंसान पाए जाते हैं। किसी को सुबह -सुबह उठ कर अपना चेहरा देखना पसंद होता हैं। तो किसी को अपने किसी प्रिय का। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुबह -सुबह उठकर अपना चेहरा शीशे में कतई नहीं देखना चाहिए।

 कई लोग सुबह आंख खुलने के साथ ही शीशे में अपना चेहरा देखना पसंद करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. वस्तु शास्त्र में ऐसा माना गया है कि इस समय हमारे शरीर में नेगेटिव एनर्जी होती है और सबसे ज्यादा ये ऊर्जा चेहरे में होती है. इसलिए जब हम सुबह जागते ही शीशा देखते हैं तो वो ऊर्जा शीशे से टकराकर वापस हमारी तरफ आ जाती है. इसलिए चेहरा पानी से धुलने के बाद ही शीशा में चेहरा निहारें.

वस्तु शास्त्र में ऐसा माना जाता हैं कि, सुबह के समय हमारे चेहरे में नेगेटिव एनर्जी होती है। और सबसे ज्यादा इसका प्रभाव हमारे चेहरे में देखने को मिलता हैं। ऐसे में अगर हम सुबह उठ कर अपना फेस शीशे हैं तो वो ऊर्जा शीशे से टकराकर वापस हमारी तरफ आ जाती है। इसीलिए हमेशा फेस को धुलने के बाद ही शीशे में निहारना चाहिए।

 सुबह उठने के बाद आपको अपना या किसी और का चेहरा देखने के बजाये अपने आराध्य देव की मूर्ति को निहारना चाहिए. ऐसा करने से आपके मन में सकारात्मक ऊर्जा पैदा होगी और आप इस ऊर्जा से दिनभर संचालित होंगे.

सुबह उठने के बाद सबसे पहले अपना या किसी पप्रिय का चेहरा देखने से पहले अपने आराध्य देव की मूर्ति को निहारना चाहिए। ऐसा करने के बाद आप सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहेंगे।

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 काम पर निकलते वक्त ऐसा कई बार होता होगा जब कोई सफाई कर्मचारी आपको झाड़ू लगता हुआ दिख जाएगा. ऐसा होना काफी शुभ संकेत माना जाता है. ज्योतिषशास्त्र में, सफाईकर्मी को शनिदेव से जुड़ा हुआ माना गया है.

यदि काम पर जाते वक़्त कोई सफाई कर्मचारी आपको झाड़ू लगते हुए दिखाई देना भी काफी शुभ माना जाता हैं। ज्योतिषशास्त्र में, सफाईकर्मी को शनिदेव से जुड़ा हुआ माना गया है।

 हिंदू धर्म में सुबह उठते ही जमीन पर पैर रखने से पहले दोनों हाथों को देखने और 'कराग्रे वास्ते लक्ष्मी' श्लोक का पाठ करने की सलाह दी जाती है. इसके पीछे की धार्मिक मान्यता यह है कि हाथ के आगे वाले भाग में मां लक्ष्मी. बीच में मां सरस्वती और मूल में विष्णु जी का स्थान माना जाता है.

बता दे हिंदू धर्म के अनुसार जमीन पर पैर रखने से पहले दोनों हाथों को देखने और ‘कराग्रे वास्ते लक्ष्मी’ श्लोक का पाठ करना बताया गया हैं। लोगों का मानना हैं कि हाथ के आगे वाले भाग में मां लक्ष्मी. बीच में मां सरस्वती और मूल में विष्णु जी का स्थान माना जाता है।

 कई लोग सुबह उठकर अपने आराध्य देव का नाम लेते हैं लेकिन ऐसा माना जाता है कि सुबह बजरंग बली का नाम नहीं लेना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि रामचरितमानस में लिखा है, 'प्रात ली जे नाम हमारा. तेहि दिन ताहि न मिले अहारा.' अर्थात बानर योनि का होने के कारण हनुमान जी का नाम लेना अशुभ है. जो ऐसा करता है उसे दिनभर खाना तक नहीं मिलता.

कुछ लोग सुबह -सुबह उठकर अपने आराध्य देव का नाम लेते हैं। लेकिन ऐसा कहा जाता हैं कि सुबह बजरंग बली का नाम नहीं लेना चाहिए। क्योंकि रामचरितमानस में लिखा है, ‘प्रात ली जे नाम हमारा. तेहि दिन ताहि न मिले अहारा.’ “बानर योनि का होने के कारण हनुमान जी का नाम लेना अशुभ है” जो ऐसा करता है उसे दिनभर खाना तक नहीं मिलता।

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