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दादा की मौत के बाद कमरे की करी जा रही थी सफाई, तभी नजर आया एक बॉक्स, जब उसे खोला तो सामने आ गया

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बचपन में बच्चों को अपने दादा-दादी, नाना-नानी से कहानियां सुनना अच्छा लगता है. लेकिन कभी-कभार ये कहानियां हकीकत भी बन जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ अमेरिका के माइक और मारिया लोपेज के साथ जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नही की थी. दरअसल इनके दादा इन दोनों भाई बहनों को बताते थे की उन्होंने समुद्री लुटेरे का खजाना ढूंढा था और एक बॉक्स भी बताया. दादा की मौत के बाद जब उन्होंने उस बॉक्स को खोला तो अंदर का सामान देखकर चौंक गए.

माइक ने बताया कि बचपन में हमें दादाजी एक कहानी सुनाते थे जिसमें उन्होंने बताया कि जोस गैसपर नाम के एक लुटेरे का खजाना उन्होंने ढूंढ लिया. दोनों बच्चों को लगता कि दादा समुद्री लुटेरों की कहानी कई बार सुनाते हैं, इसीलिए वो मजाक कर रहे हैं. उन्होंने इस कहानी में सच्चाई होने की कभी कल्पना भी नहीं की थी.

दादा की मौत के बाद शुरू की खोज

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दरअसल कुछ सालों बाद इनके दादाजी की अचानक मौत हो गई. दादाजी के मौत के बाद दोनों उनके कमरे को साफ कर रहे थे, तभी अचानक उनकी नजर एक बक्से पर पड़ी. यह बक्सा देखने में बड़ा ही विचित्र लग रहा था, इसलिए उन्होंने इसे खोला. इस बक्से के ऊपर उन्हें एक तस्वीर दिखाई दी, जिसे देख कर उन्होंने सोचा कि यह शायद हमारे परदादा परदादी की होगी. दोनों भाई बहनों ने इस बक्से से कुछ और पाने की आस से इसे खंगालना शुरु कर दिया.

दोनों भाई बहन जब इस बक्से को खंगाल रहे थे तो उन्हें एक पुराने कागज पर नक्शा छपा हुआ मिला. इस नक्शे को देख उन्हें समझते देर नहीं लगी, यह नक्शा फ्लोरिडा का नक्शा था जो 1930 में बनाया गया था. बक्से में नक्शे का मिलना उन्हें कुछ अजीब लगा और उन्होंने सोचा इसमें कुछ राज जरूर छिपा है.

अंदर मिली चीज से सहम गए

दरअसल बक्से को कुछ देर खंगालने के बाद जब उन्हें एक ऐसी चीज मिली जिसकी वजह से उनकी रूह कांप गई. माइक ने बताया कि इस बक्से का दृश्य किसी भूतों की फिल्म से कम नहीं था. इस बक्से में एक कटा हुआ हाथ संभाल कर रखा हुआ था. बक्से में हाथ के अलावा 16वीं शताब्दी के पुर्तगाल या स्पेन के कुछ सिक्के भी संभाल के रखे थे. दोनों भाई बहनों को ये समझ नहीं पा रहे थे कि दादाजी के बक्से में यह हाथ क्या कर रहा है?

एक्सपर्ट ने बताई हक़ीक़त

दोनों भाई बहनों के सामने अब एक अजीब समस्या थी कि यह बक्सा किस जमाने का है, और इसमें मिली चीजे क्या है. इन चीजों का राज जानने के लिए उन्होंने एक एक्सपर्ट को बुलाया. एक्सपर्ट ने दोनों भाई बहनों को हकीकत से रूबरू करते हुए कहा कि यह सिक्के समुद्री लुटेरों के दौर के हैं. एक्सपर्ट ने बक्से में मिले हाथ पर पहनी हुई अंगूठी के आधार पर कहा कि यह अंगूठी किसी समुद्री लुटेरे की है. एक्सपर्ट की बातें सुनकर दोनों भाई बहनों के मन में दादाजी की बचपन वाली कहानी गूंजने लगी. वे सोच रहे थे कि दादा जी हमें हकीकत ही बताते थे. इस हाथ के बारे में उन्होंने अनुमान लगाया कि यह हाथ कहीं उनके परदादा को तो नहीं है ? कहीं उनके परदादा ही तो समुद्री लुटेरे नहीं थे?

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