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अब आप भी लगा सकते हैं खुद का इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, जानिए कैसे और क्या हैं आवेदन की जरूरी शर्तें

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एक तरफ दिन प्रतिदिन बढ़ती पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें और दूसरी तरफ तेज़ी से बढ़ता प्रदूषण, ये दो ऐसे प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का काफी सुनहरा भविष्य खासतौर पर भारत में दिखलाई दे रहा है।

यही कारण है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में बदल रहा है। दरअसल यह एक तरीका है जिससे इस नए युग में लोगों को महंगे तेल और प्रदूषण से मुक्ति मिल सकती है। आपको बता दें कि इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज करने के लिए लगातार अब नए-नए सेंटर खुल रहे हैं और चार्जिंग के लिए नई-नई तकनीकें ईजाद हो रही हैं।

दरअसल केंद्र की मोदी सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए पूरे देश में चार्जिंग नेटवर्क बनाने जा रही है। बता दें कि चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए सरकार अब आर्थिक तौर पर मदद भी करेगी।

दरअसल इसका जिम्मा भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय को सौंपा गया है। बता दें कि चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए इच्छुक व्यक्ति मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं।

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पहले चरण में लगेंगे 1000 चार्जिंग स्टेशन

आपको बता दें कि मीडिया की खबरों के मुताबिक पहले चरण में देशभर में 1000 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे और प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन पर 6 चार्जर होंगे।

मालूम हो कि एक गणना के मुताबिक इन 1 हजार स्टेशंस पर एक साथ 6 हजार गाड़ियों को चार्ज किया जा सकेगा। इनमें से कई चार्जिंग स्टेशंस पर फास्ट चार्जर की भी सुविधा होगी।

ऑनलाइन सुविधा देनी होगी

मालूम हो कि मंत्रालय के मुताबिक इन चार्जिंग स्टेशंस को किसी निजी जगह या सार्वजनिक जगहों पर लगाया जा सकेगा और सरकार इसके लिए सब्सिडी मुहैया कराएगी। इसके अलावा सरकार की यह भी शर्त है कि इसके लिए ऑनलाइन सुविधा भी देनी होगी, ताकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के ग्राहक ऑनलाइन अपाइंटमेंट ले सकें।

आपको बता दें कि इन रिपोर्ट्स के मुताबिक चार्जिंग के लिए बिजली की सुविधा किसी भी बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से ली जा सकेंगी और बिजली कंपनियां लागत का 15% एक्स्ट्रा चार्ज कर सकेंगी।

आखिरी तारीख है 20 अगस्त

मालूम हो कि इन चार्जिंग स्टेशंस पर 6 चार्जर होंगे, जिनमें 3 चार्जर फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेंगे। बता दें कि इनकी खासियत यह होगी कि ये मात्र आधा घंटे में गाड़ी को फुल चार्ज कर देंगे।

बता दें कि सब्सिडी वाले चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए आवेदक 20 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे और चुने हुए आवेदकों को 9 माह के भीतर सेटअप तैयार करना होगा। वहीं चार्जिंग स्टेशन शुरू करने के लिए अंतिम सहमति बिजली वितरण कंपनी की होगी।

नोएडा में हैं 100 चार्जिंग स्टेशन

आपको बता दें कि इनमें सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन 10 से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों में लगाए जाएंगे। दरअसल हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में चार्जिंग स्टेशन का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा होने जा रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशिअंसी सर्विसेज लिमिटेड यानी कि ईईएसएल ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी कि नोएडा के साथ समझौता किया है। बता दें कि इसके अंतर्गत नोएडा में तकरीबन 100 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय में हैं सबसे ज्यादा स्टेशन

आपको बता दें कि इस समय दिल्ली-एनसीआर में आम जनता के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए 20 चार्जिंग स्टेशंस हैं। वहीं सरकारी गाड़ियां को चार्ज करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में सबसे ज्यादा 15 इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन हैं।

इसके बाद नीति आयोग और वित्त मंत्रालय का नंबर है, यहां पर 10 चार्जिंग स्टेशंस हैं। वहीं संसद भवन में 7, ऊर्जा मंत्रालय में 5, पर्यावरण मंत्रालय में 5, राष्ट्रपति भवन में 4, विदेश मंत्रालय में 3 और दिल्ली स्थित गुजरात भवन में 2 चार्जिंग स्टेशन हैं।

भारत में हैं फिलहाल केवल 150 चार्जिंग स्टेशन

दरअसल एक तरफ तो भारत में जहां अभी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने को लेकर अभी बहस ही चल रही है, वहीं चीन में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग स्टेशंस की संख्या 10 लाख को पार गई है। जी हां, वहीं भारत में केवल 150 चार्जिंग स्टेशन ही है।

बता दें कि पड़ोसी देश चीन में जून तक पब्लिक चार्जिंग स्टेशंस की संख्या 4.12 लाख थी, जबकि प्राइवेट चार्जिंग पोस्ट्स की संख्या 5,91 लाख थी। सिर्फ एक साल में ही चार्जिंग स्टेशंस की संख्या में 69.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

सरकार बना रही है 2 इलेक्ट्रिक हाईवे

आपको बता दें कि केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिये पहले 2 हाईवे कॉरिडोर अगले साल मार्च 2020 तक चालू करने की योजना पर काम कर रही है। बता दें कि इन कॉरिडोर्स में बैटरी चार्जिंग की सुविधा भी आपको मिलेगी। मालूम हो कि यह कॉरिडोर दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे पर बनेगा।

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