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7वां वेतन आयोग: मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों दे सकती है बड़ी खुशखबरी, 10 हजार रु तक बढ़ सकती है सैलरी

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केंद्र की मोदी सरकार देश के केंद्रीय कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दे सकती है. जी हां ,दरअसल ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार 1 जुलाई 2019 से महंगाई भत्‍ते यानी कि Dearness Allowance or DA में बढ़ोतरी करेगी.

आपको बता दें कि यह बढ़ोतरी 4 से 5% के बीच होने का अनुमान लगाया गया है. दरअसल अगर बढ़ोतरी 4% रहती है तो इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में 720 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए प्रति माह तक की बढ़ोतरी होना तय है.

नहीं आया अभी जून महीने का आंकड़ा

जानकारी के लिए बता दें कि DA की गणना करने वाले एजी ऑफिस ब्रदरहुड, इलाहाबाद के पूर्व अध्‍यक्ष और ऑल इंडिया ऑडिट एंड अकाउंट्स एसोसिएशन के असिस्‍टेंट सेक्रेटरी जनरल हरीशंकर तिवारी ने एक प्राइवेट न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान बताया कि All India Consumer Price Index यानी कि AICPI का जून के महीने का आंकड़ा आते ही यह साफ हो जाएगा कि DA कितने प्रतिशत बढ़ेगा.

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केंद्रीय कर्मचारियों का DA है 12%

दरअसल हरीशंकर तिवारी के अनुसार अभी केंद्रीय कर्मचारियों का DA 12% है. अगर सरकार इसे 4% भी बढ़ाती है तो बढ़कर 16 प्रतिशत मंथली हो जाएगा. इसका मतलब यह है कि निचले स्‍तर के अधिकारी की सैलरी में तकरीब 720 रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी होगी जबकि सबसे ऊपर यानि लेवल 18 के स्‍तर के अफसर के वेतन में 10 हजार रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी होगी.

सरकारी कर्मचारी का DA एकसमान

आपको बता दें कि हरीशंकर तिवारी ने यह बताया कि अब हर स्‍तर के सरकारी कर्मचारी का DA एकसमान बढ़ता है. यानि इसका मतलब यह है कि बढ़ोतरी के बाद लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक के अफसर का DA बराबर रहेगा. यहां लेवल की बात करें तो लेवल 1 सरकारी सेवा का एंट्री लेवल है जबकि लेवल 18 सबसे ऊपर का लेवल है.

7वें वेतन आयोग का यह है लाभ

मालूम हो तो 7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद से लेवल 1 के एंट्री लेवल के अधिकारी की बेसिक सैलरी 18 हजार रुपए मंथली तय हुई है. वहीं लेवल 18 स्‍तर के अधिकारी को ढाई लाख रुपए प्रति माह सैलरी मिलती है. बता दें कि यह स्‍तर कैबिनेट सचिव का है.

जानिए क्‍या होता है DA

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि DA दरअसल कर्मचारी को मिलने वाली बेसिक सैलरी का ही एक हिस्‍सा होता है. मालूम हो कि यह सीधे तौर पर कर्मचारी की कॉस्‍ट ऑफ लिविंग से जुड़ा होता है. बता दें कि यह कंज्‍यूमर प्राइस इंडेक्‍स से लिंक होता है.

मालूम हो कि केंद्र सरकार भी इसे समय-समय पर संशोधित करती है. दरअसल इसकी गणना बेसिक पे को आधार मानकर प्रतिशत में होती है. वर्तमान समय की बात करें तो अभी कर्मचारियों और पेंशनरों को 12% DA मिल रहा है.

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