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रोजाना सिर्फ 40 रुपए की बचत करके आप बना सकते हैं 8 लाख रुपए का फंड, जानिए कैसे

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अगर आप भी बढ़िया फंड बनाना चाहते हैं लेकिन आपके पास ज्यादा पैसे बचत करने को नहीं है तो हम आपकी इस समस्या का बेहतरीन समाधान लेकर आएं हैं. जी हां, अगर आप रोजाना कुछ पैसे बचाकर निवेश करना शुरू करें तो यह एक तय समय बाद आपको लखपति बना सकता है.

बता दें कि आपको लखपति बनाने में म्यूचुअल फंड की स्कीम काम आएगी. दरअसल खास बात यह है कि इसमें आपको रोजाना सिर्फ 40 रुपये की बचत करनी है. जाहिर है कि इससे आप पर ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ेगा और अपने सभी खर्चों के बाद भी आसानी से इतनी बचत कर सकते हैं.

बता दें कि फिर इसके बाद म्यूचुअल फंड में सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी कि SIP के जरिए रेग्युलर निवेश करना होगा. चलिए जानते हैं 40 रुपये की रोज बचाकर आप कैसे बना सकते हैं 8 लाख रुपये का फंड..

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इस प्रकार बनेगा 8 लाख का फंड

दरअसल अगर आप रोजाना के आधार पर 40 रुपये की बचत करते हैं तो यह महीने में 1,200 रुपये होगा. आपको हर महीने 1,200 रुपये बेहतर म्यूचुअल फंड की स्कीम में SIP के जरिए निवेश करना होगा.

मालूम हो कि यह निवेश आपको 15 साल तक करना होगा. दरअसल बाजार में ऐसे कई म्यूचुअल फंड हैं, जिन्होंने पिछले 15 साल में 15 % सालाना की दर से रिटर्न दिया है. तो ऐसे में अगर इतना ही रिटर्न आपको भी मिलता रहे तो 15 साल बाद आपके पास 8 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा.

इतना होगा फायदा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में 15 साल तक निवेश करते हैं तो आपका कुल निवेश 2,16,000 रुपये होगा. वहीं आपकी एसआईपी की कुल वैल्यू 8,02,208 रुपये होगी. यानी इसका मतलब यह हुआ कि आपको 5,86,208 रुपये का फायदा होगा.

ये फंड दे चुके हैं 15% रिटर्न

जहां तक म्यूचुअल फंड रिटर्न की बात है तो कुछ बेहतर स्कीम्स ने 15 साल में 15% रिटर्न दिए हैं. जी हां, जैसे

आदित्य बिड़ला सन लाइफ इक्विटी फंड में 15 साल में 15.20 %,

डीएसपी इक्विटी ऑपर्चुनिटी फंड में 14.67 %,

इसी प्रकार फ्रैंकलिन इंडिया प्राइमा फंड में 15.07 % का रिटर्न मिला है.

इस तरह निकाल सकते हैं एक्सपेंस रेश्यो

आपको बता दें कि यह वो अनुपात है जो म्यूचुअल फंड के प्रबंधन पर आने वाले खर्च को प्रति यूनिट के रूप में बताता है. दरअसल किसी म्यूचुअल फंड का एक्सपेंस रेश्यो निकालने के लिए उसकी कुल संपत्ति यानी कि एसेट अंडर मैनेजमेंट में कुल खर्च से भाग दिया जाता है.

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