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बड़ी-बड़ी आंखों के साथ पैदा हुई थी बच्ची, जो भी उसे देखता वो करता था उसकी तारीफ, सब कुछ जानते हुए भी मां को कहना पड़ता था- थैंक यू

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अमेरिका के मिन्नेसोटा में रहने वाली 2 साल की बच्ची की आंखें इतनी खूबसूरत है कि हर कोई उसकी तारीफ करता है। लेकिन आंखों की खूबसूरती के पीछे की वजह बहुत ही खराब है, क्योंकि वह लड़की आंखों की गंभीर समस्या से जूझ रही है। उस गंभीर समस्या की वजह से उसकी आंखों की पुतलियां बड़ी है। उसकी आंखों के ज्यादातर हिस्सों में पुतलियां ही नजर आती हैं। ऐसी बीमारी दो लाख में से किसी एक बच्चे को होती है।

मिन्नेसोटा के निवासी मेरोन और करीना मार्टिनेज की 2 साल की बेटी का नाम मेहलानी है जिसको रेयर सिन्ड्रोम एक्सेनफेल्ड रीगर की बीमारी है। उसी कारण इस बच्ची की पुतलियां सामान्य से बहुत बड़ी है।

बच्ची की मां का कहना है कि जब इसका जन्म हुआ तो मेरी उम्र 18 साल थी और मुझे कोई भी मेडिकल समस्या नहीं थी। मुझे लेबर पेन हुए 10 घंटे हो गए, जिसके बाद मेरी बेटी ने जन्म लिया। लेकिन बच्चे की आंखें बड़ी थी और हर कोई उसकी तारीफ कर रहा था। उसकी आंखें बहुत अच्छी लग रही थी, जिस वजह से हम दोनों बहुत खुश हो रहे थे।

हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करने से पहले बच्ची की पूरी जांच की गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने माता-पिता को बताया कि बच्ची को दुर्लभ बीमारी है। डॉक्टरों ने कहा कि गर्भ में जब बच्ची पल रही थी तब उसकी आंखों की पुतलियां पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाई और वह कटी-फटी हालात में है। इस बीमारी की वजह से बच्चीं को अन्य परेशानियां भी हो गई है। उसको दिल से संबंधित बीमारी और ग्लुकोमा भी है।

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इस बच्चीं को जो बीमारी है उसके कारण उसकी आंखों की पुतलियां बड़ी है। साथ ही साथ उसकी आंखों की पुतलियां संवेदनशील भी है। यह लड़की धूप में बिना सन ग्लासेस लगाए नहीं देख सकती।

लड़की को ग्लूकोमा होने की बात 1 साल पहले पता चली। इस कारण आंखों पर पड़ने वाला दबाव भी काफी हद तक बढ़ गया। इस बीमारी के चलते लड़की की आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा है।

हम आपको बता दें कि आंखों के अंदर रोशनी पुतलियों के माध्यम से जाती है। सामान्य से अधिक बड़ी पुतलियां होने के कारण धूप में बच्ची को बहुत परेशानी होती है।

बच्ची की मां के मुताबिक उन्होंने कभी भी एक्सेनफेल्ड रीगर बीमारी के बारे में नहीं सुना और ना ही वो ग्लूकोमा के बारे में जानते हैं। करीना ने बताया कि जब भी कोई हमारी बच्ची की आंखों की तारीफ करता था तो हम दिमाग में सोचते थे क्या उसकी बीमारी के बारे में बताना चाहिए या नहीं। मैं उन्हें मुस्कुराते हुए थैंक्स बोल देती।

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