Loading...

तनोट राय माता का चमत्कारी मंदिर, जिसके आगे फेल हो गए थे पाकिस्तान के 3000 बम

0 28

भारत में ऐसे कई मंदिर है जो अपनी विशेषताओं के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. ऐसा ही एक मंदिर थार के रेगिस्तान के बीच भारत पाकिस्तान की बॉर्डर पर स्थित है. राजस्थान के जैसलमेर जिले में तनोट गांव में स्थित माता तनोट राय का यह मंदिर BSF की आस्था का केंद्र है. ‘थार की वैष्णो देवी’ के नाम से जानी जाने वाली माता तनोट राय से पाकिस्तानी सेना आज भी ख़ौफ़ खाती है. पाकिस्तानी सेना ने युद्ध के समय इस मंदिर को ध्वस्त करने के लिए 3000 बम दागे थे, लेकिन माता के चमत्कार से मंदिर का बाल भी बांका नही हुआ. आइए जानते हैं पूरी सच्चाई……..

यह प्रसिद्ध मंदिर जैसलमेर जिले से 153 किलोमीटर दूर थार के रेगिस्तान में बड़े-बड़े मिट्टी के टीलों के बीच स्थित है. इस मंदिर की वजह से ही भारतीय सेना 1965 के युद्ध में पाकिस्तान को हरा पाइ थी. कहा जाता है कि पाकिस्तानी सेना ने मंदिर पर 3000 बम बरसाए थे लेकिन मां का चमत्कार कुछ ऐसा हुआ की मंदिर परिसर में गिरे 450 बम तो फटे ही नहीं और मंदिर सुरक्षित रहा. इस युद्ध के समय जय सिंह की कमांड में ग्रेनेडियर की एक कंपनी सीमा सुरक्षा कर रही थी.

पाकिस्तानी जनरल ने किए दर्शन

Loading...

इस मंदिर की पूजा अर्चना का काम भारतीय सीमा सुरक्षा बल ही संभालती है. 1965 के युद्ध से पहले इस मंदिर के बारे में कोई नहीं जानता था लेकिन अब यहां गश्त पर जाने वाला हर जवान मां के चरणों में मत्था टेककर जाता है. मंदिर में एक म्यूजियम स्थित है जिसमें वो पाकिस्तानी बम रखे हुए जो युद्ध के दौरान फटे नहीं थे .इस मंदिर की ख्याति भारत में ही नहीं पाकिस्तान में भी फैली हुई है, इसीलिए पाकिस्तानी जनरल ने इस मंदिर में दर्शन करने के लिए भारतीय सरकार से परमिशन मांगी थी जिसके बाद उन्हें इस मंदिर के दर्शन कराए गए थे.

आप इस मंदिर में मत्था टेकना चाहते हो तो राजस्थान के रेतीले जिले जैसलमेर जाना पड़ेगा. जैसलमेर जाने के लिए आप बस, टैक्सी और रेल मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हो. जैसलमेर से इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको 153 किलोमीटर का सफर कार या टैक्सी से ही करना पड़ेगा.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.