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आपको जरूर जानने चाहिए Aadhaar की सुरक्षा से जुड़े इन 5 अहम सवालों के जवाब

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ये तो हम सब जानते हैं कि आधार कार्ड आज के समय में लोगों की पहचान का एक अहम हिस्सा बन चुका है. देश के 90 % से ज्यादा लोगों के पास आधार कार्ड है. आजकल ज्यादातर सुविधाएं का लाभ हम आधार से ही उठा रहे हैं. लेकिन, आधार की सुरक्षा को लेकर कई बार सवाल उठाए गए हैं.

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी इसको लेकर कई याचिकाएं डाली गई. दरअसल कई बार खबरें मिली कि आधार का डाटा लीक हो गया. अब ऐसे में जाहिर है कि आधार की सुरक्षा को लेकर आपके मन में भी सवाल उठता है तो उनके जवाब जान लीजिए, क्योंकि, UIDAI हमेशा कहता रहा है कि आधार पूरी तरह से सुरक्षित है.

UIDAI के पास बायोमैट्रिक डेटा के अलावा बैंक अकाउंट, PAN आदि सबकुछ है, क्या इनका इस्तेमाल गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाएगा?

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बिलकुल गलत. जी हां, दरअसल UIDAI के पास केवल आवेदक का नाम, एड्रेस, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, 10 उंगलियों के निशान, पुतलियों का स्कैन, चेहरे की तस्वीर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की जानकारी है.

बता दें कि UIDAI के पास आवेदक के परिवार, जाति धर्म, शिक्षा, बैंक अकाउंट, शेयर म्युचुअल फंड, फाइनेंशियल और प्रॉपर्टी डीटेल्स, हेल्थ रेकॉर्ड नहीं है और ना कभी होगा.

जी हां, दरअसल आधार ऐक्ट 2016 का सेक्शन 32(3) के अनुसार ये सेक्शन UIDAI को किसी व्यक्ति की जानकारियों को एकत्रित करने और नियंत्रित करने से रोकता है.

बैंक अकाउंट, शेयर, म्युचुअल फंड्स और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ा जाता है तो UIDAI के पास ये जानकारियां नहीं होंगी?

बिलकुल नहीं. जी हां, दरअसल जब आप अपना आधार नंबर अपने बैंक अकाउंट, म्युचुअल फंड कंपनियों और मोबाइल फोन कंपनियों को देते हैं तो वे केवल आपका आधार नंबर, बायोमैट्रिक और नाम आदि आपकी पहचान सत्यापन के लिए UIDAI को भेजते हैं.

मालूम हो कि बैंक अकाउंट या अन्य डीटेल्स को UIDAI को नहीं भेजा जाता है. जहां तक UIDAI का सवाल है यह इस तरह की वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट का जवाब ‘हां’ या ‘ना’ में देता है. बता दें कि यदि वेरिफिकेशन का जवाब ‘हां’ है तो आपकी बेसिक KYC डीटेल्स (नाम, एड्रेस, फोटो आदि) सर्विस प्रोवाइडर को दी जाती है.

यदि कोई किसी का आधार नंबर जान ले तो इसका इस्तेमाल बैंक अकाउंट को हैक करने के लिए किया जा सकता है?

यह भी पूरी तरह गलत है. जी हां, दरअसल जिस तरह केवल आपके एटीएम कार्ड के नंबर से कोई एटीएम से पैसे नहीं निकाल सकता है, उसी तरह केवल आपके आधार नंबर से कोई ना तो आपके बैंक अकाउंट को हैक कर सकता है और ना ही पैसे निकाल सकता है.

आपको बता दें कि आपका बैंक अकाउंट पूरी तरह सेफ है जब तक आप किसी को अपना पिन/ओटीपी नहीं देते. इसलिए पूरी तरह निश्चिंत रहें. मालूम हो कि आधार की वजह से अभी तक एक भी आर्थिक नुकसान का कोई मामला सामने नहीं आया है.

क्या अपने सभी बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करने की जरूरत है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है. जी हां, दरअसल सभी बैंक खाताधारकों के लिए पहचान वेरिफाई कराना जरूरी है और आधार से लिंक करने पर यह साफ हो जाएगा कि अकाउंट का इस्तेमाल कोई अपराधी या मनी लॉन्ड्रिंग के लिए तो नहीं हो रहा है.

आपको बता दें कि जब हर अकाउंट वेरिफाई हो जाएगा और आधार से जुड़ जाएगा तब यदि कोई धोखे से आपके अकाउंट से पैसे निकालता है तो उसे पकड़ना आसान होगा. यही कारण है कि अकाउंट को आधार से जोड़ने पर यह अधिक सुरक्षित हो जाएगा.

आधार के लिए गरीबों को पेंशन और राशन जैसी जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा रहा है?

बिल्कुल नहीं. जी हां, दरअसल सेक्शन 7 में यह पूरी तरह से स्पष्ट किया गया है कि जब तक किसी व्यक्ति को आधार का नंबर नहीं मिल जाता तब किसी को राशन, पेंशन और अन्य जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता है.

इतना ही नहीं, ऐसे लोगों की पहचान संबंधित विभाग दूसरे पहचान पत्रों के जरिए कर सकता है. बता दें कि अगर किसी विभाग में आपको आधार की कमी की वजह से किसी सेवा से वंचित किया जा रहा है तो आप इसकी शिकायत संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से कर सकते हैं.

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