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ई-चार्जिंग स्टेशन खोलकर कर सकते हैं मोटी कमाई, जानिए क्या है पूरा प्रोसेस

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एक तरफ दिन प्रतिदिन बढ़ती पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें और दूसरी तरफ तेज़ी से बढ़ता प्रदूषण, ये दो ऐसे प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से इलेक्ट्रिक वाहन बाजार का काफी सुनहरा भविष्य खासतौर पर भारत में दिखलाई दे रहा है।

यही कारण है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को सफल बनाने के लिए मोदी 2.0 सरकार देश के सभी पेट्रोल पंपों पर ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन लगा सकती है।

दरअसल हाल ही में हुई गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी कि GST काउंसिल की 36 वीं बैठक में ई-व्हीकल चार्जर पर लगने वाली जीएसटी की दरें घटा दी गई है. साथ ही, इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जीएसटी दरें 12 % से घटाकर 5 % कर दी गई है. ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इलेक्ट्रिक व्हीकल का चलन तेजी से बढ़ सकता है.

वैसे इसका फायदा आप भी उठा सकते है. ऐसे में अब पेट्रोलपंप की जगह चार्जिंग स्‍टेशन खोलकर आप भी कमाई कर सकते हैं. आपको बता दें कि भारत में जापान की इलेक्‍ट्रॉनिक कंपनी पैनासॉनिक 25 शहरों में 1 लाख स्‍ट्रॉन्‍ग चार्जिंग स्‍टेशन लगाने की तैयारी कर रही है.

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बता दें कि कंपनी का मुख्य फोकस भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए उसके मुकाबले चार्जिंग स्‍टेशन उपलब्‍ध कराने का है. कंपनी पार्किंग स्‍टेशन, मॉल, पेट्रोल पंप आदि पर चार्जिंग स्‍टेशन लगाएगी. इसके अलावा फ्रेंचाइजी भी देगी.

चलिए जानते हैं N7U के बारे में

क्या है ये प्लान

आपको बता दें कि पैनासॉनिक ने एक बयान में कहा कि पहले चरण में, पैनासोनिक ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सर्विस देने के स्मार्ट ई एवं क्यूक्विक के साथ साझेदारी की है.

दरअसल इसके तहत पैनासोनिक दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 150 स्मार्ट इ इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर्स और 25 क्यूक्विक 2 व्हीलर पर ईवी चार्जिंग सर्विस स्थापित करेगी.

मालूम हो कि Nymbus के तहत फिजिकल कंपोनेंट जैसे चार्जिग स्टेशन, स्वैप स्टेशन, ऑनबोर्ड चार्ज, टेलीमेटिक्स सिस्टम एवं वर्चुअल कंपोनेंट जैसे क्लाउड सर्विस, एनालिटिक्स, इंट्यूटिव डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवा दी जाएंगी.

आपको बता दें कि वह इस सर्विस का मकसद व्यक्तिगत ईवी यूजर्स, ईवी फ्लीट ओनर्स, ईकॉमर्स एंड लॉजिस्टिक कंपनियों की मदद करना है. दरअसल निंबस वाहन पर टेलीमेटिक्स सेंसर्स के साथ आएगी. इससे फ्लीट मालिक अलग—अलग गाड़ियों में बैटरी के इस्तेमाल को ट्रैक कर सकेंगे.

मालूम हो कि पैनासोनिक इंडिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ मनीश शर्मा ने इस विषय पर कहा कि इस सर्विस के लॉन्च होने से भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स अपनाने वाले लोगों को मदद मिलेगी. पैनासोनिक ऐसी पहली कंपनी है जो इस तरह का कॉमन प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है.

यहां खुलेंगे स्टेशन

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंपनी पहले पहले देश केमेट्रोपोलिटन शहर जैसे दिल्‍ली, पुणे, बेंगलुरु, चेन्‍नै, अमरावति, हैदराबाद, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में चार्जिंग स्‍टेशन हब बनाएगी. यहीं से इसका विस्‍तार होगा.

बता दें कि कंपनी ने भारत में अपनी तरह की पहली स्मार्ट ईवी चार्जिंग सर्विस, निंबस लॉन्च की है.

मालूम हो कि इसके तहत फिजिकल कंपोनेंट जैसे चार्जिंग स्टेशन, स्वैप स्टेशन, ऑन बोर्ड चार्ज, टेलीमेटिक्स सिस्टम एवं वर्चुअल कंपोनेंट जैसी सर्विस दी जाएंगी.

बता दें कि इसमें क्लाउड सर्विस एनालिटिक्स, इंट्यूटिव डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाएं दी जाएंगी.

एक स्टेशन की लागत 4 लाख रुपये

मालूम हो कि एक अनुमान के अनुसार,एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन पर करीब 4 लाख रुपये का खर्च आएगा. इसके लिए अगल से पावर सप्लाई करने की योजना है.

रेजिडेंशियल एरिया में भी होंगे चार्जिंग स्टेशन

मालूम हो कि सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि रेजिडेंशियल एरियाज में भी चार्जिंग प्वाइंट्स लगाए जसेंगेहै. दरअसल इसमें यह भी कहा गया कि हाईवेज पर हर 25 किलोमीटर पर दरअसल सड़क के दोनों तरफ एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन होना चाहिए. इसमें कहा गया, ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर गाइडलाइंस सभी राज्य सरकारों और यूनियन टेरिटरीज को सर्कुलेट कर दी गई है.

नोएडा में भी तैयारियां शुरू

आपको बता दें कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रमों के साझा उद्यम एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड यानी कि ईईएसएल ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए नोएडा के साथ समझौता पर हस्ताक्षर किए हैं.

बता दें कि वर्तमान समय में नोएडा में इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए जरूरी मजबूत ढांचागत सुविधा को बढ़ावा देकर यहां ईवी को अपनाने की प्रक्रिया तेज करने में यह समझौता ज्ञापन सहायक साबित होगा. मालूम हो कि ईईएसएल ने अपने ईवी कार्यक्रम के तहत 10,000 ई-कार की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है.

बता दें कि अब तक देश भर में 1,510 ई-कार रजिस्ट्रेशन/ आवंटन के तहत उतारी जा चुकी हैं. दरअसल ई-कारों की चार्जिंग के लिए 295 एसी और 161 डीसी चार्जर को भी मंजूरी दी जा चुकी है.

यहां बता दें कि ईएसएल ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, सरकारी विभागों और आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.

कुछ ऐसा है सरकार का प्लान

आपको बता दें कि केंद्रकी मोदी सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है. दरअसल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए नेशनल हाईवेज पर चार्जिंग स्टेशन लगाने के काम में भी पहले के मुकवँतेजी आ सकती है.

बता दें कि इन्हें लगाने के लिए 15 राज्यों ने नोडल एजेंसियों की घोषणा कर दी है. एक साल के भीतर हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन लगेंगे जिसमें 4,000 से ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे.

हर 30 किमी पर लगेगा एक चार्जिंग स्टेशन

मालूम हो कि हर 30 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन लगेंगे जिसके लिए सरकार 1,050 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी देगी. बता दें कि ये चार्जिंग स्टेशन एनटीपीसी, पावर ग्रिड के साथ मिलकर लगाए जाएंगे. वहीं साल 2030 तक 40% इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का लक्ष्य है.

जानिए कौन सी कंपनियां लगाएंगी चार्जिंग स्टेशन

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि निम्नलिखित कंपनियां चार्जिंग स्टेशन्स लगाएंगी:

दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड,
गुजरात एनर्जी विकास एजेंसी,
उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड,
पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, BESCOM,
TSREDCO

बता दें इन कंपनियों को 3 साल तक चार्जिंग स्टेशन की मैंनेंटस करना होगा

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