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7th Pay Commission: सरकार ने इन कर्मचारियों को दिया तोहफा, बढ़ाया पे ग्रेड, जानिए कौन हो लाभान्वित

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पश्चिम बंगाल से एक बड़ी खबर आई है। जी हां, दरअसल यहां ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस यानी कि टीएमसी की सरकार ने सूबे के प्राइमरी टीचर्स को एक बड़ी एवं राहत भरी खबर दी है। दरअसल, सरकार ने इन कर्मचारियों का पे ग्रेड बढ़ाने का ऐलान किया है।

आपको बता दें कि राज्य सरकार की ओर से यह निर्णय इन कर्मचारियों की हड़ताल के 14वें दिन लिया गया है। मालूम हो कि प्रशिक्षित और अप्रशिक्षित प्राइमरी टीचर्स के पे ग्रेड में बढ़ोतरी के सिलसिले में सरकार के अधीन स्कूली शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी की है, जिसमें ये कहा गया है:

ट्रेन्ड प्राइमरी टीचर्स के पे ग्रेड को 2,600 रुपए से बढ़ाकर 3600 रुपए (पेड बैंड 3 के अंतर्गत) और अनट्रेन्ड प्राइमरी टीचर्स का पे ग्रेड 2300 से 2900 (पे बैंड 2 के तहत) कर दिया है।

बता दें कि यह इजाफा आगामी 1 अगस्त, 2019 से प्रभावी होगा

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आपको बता दें कि उस्ती प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन यानी कि यूपीटीए के सदस्य साल्ट लेक स्थित विकास भवन के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे थे। मालूम हो कि आंदोलनकारी शिक्षकों में से एक संदीप घोष ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान बताया कि,

“हमें इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है, पर ऐसी जानकारी सुनने को जरूर मिली है। अगर ऐलान की खबर सच है, तब हम खुश नहीं है। हम उन 14 प्राइमरी टीचर्स के ट्रांसफर संबंधी आदेश वापस लिए जाने का इंतजार कर रहे हैं।”

वहीं दूसरी तरफ, राज्य शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने बीते गुरुवार को कहा था कि सरकार प्राइमरी टीचर्स के ग्रेड पे में बढ़ोतरी के लिए तैयार थी। उन्होंने इसके अलावा टीचर्स के ट्रांसफर्स के पीछे का कारण बताया और आगे बोले कि स्कूलों में टीचर्स की भारी कमी थी और इसी वजह से ऐसा किया गया।

आपको बता दें कि इसी बीच आज सुबह एक्टर-डायरेक्टर अपर्णा सेना अनिश्चकालीन हड़ताल पर बैठे प्राइमरी टीचर्स से मिलने गई थीं। उन्होंने उस दौरान राज्य सरकार से अपील की कि वह इस मामले को गंभीरता से ले।

दरअसल उनके मुताबिक, “राज्य सरकार क्लब्स को डोनेशन देना बंद करे और विभिन्न किस्म के महोत्सवों का आयोजन कराना भी समाप्त कर दे। वह इसके बजाय फौरन प्राइमरी टीचर्स के बकाया पैसे को चुकाए।”

बता दें कि सेन ने आगे कहा कि, “मुझे बंगाली होने के नाते यह सोच कर शर्म महसूस होती है। हमारे राज्य में आखिर हो क्या रहा है। राज्य सरकार को क्लब्स को डोनेशन देना बंद कर देना चाहिए और जल्द से जल्द शिक्षकों के ड्यूज चुकाए जाने चाहिए।”

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