Loading...

गृह मंत्रालय के इस कदम से कश्मीर घाटी में बेचैनी, नेता बोल रहे- घाटी में होने वाला है कुछ बड़ा भयानक

0 33

कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की 100 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई है. कुछ कंपनियां कश्मीर पहुंच गई है और कुछ जल्द ही पहुंच जाएंगी. यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के घाटी पर सीक्रेट मिशन से आने के बाद किया गया है. इस फैसले से कश्मीर में राजनीतिक दलों और अलगाववादियों में खलबली मच गई है.

कुछ लोग सरकार द्वारा उठाए गए इस मुद्दे को अनुच्छेद 35ए को भंग करने की पहल के रूप में देख रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसे कश्मीर को आतंकरोधी बनाने का अभियान बता रहे हैं. 100 कंपनियों में सीआरपीएफ की 50, बीएसएफ-10, एसएसबी-30 और आईटीबीपी की 10 कंपनियां है. हर कंपनी में 90 से 100 कर्मी मौजूद रहते हैं.

इस निर्णय पर पूर्व आईएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पीपल्स मूवमेंट के अध्यक्ष शाह फैसल ने चिंता जताई है. उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर में इस बात की अफवाह फैल रही है कि घाटी में कुछ बड़ा होने वाला है. फैसल ने ट्वीट किया- गृह मंत्रालय की ओर से सीआरपीएफ की 100 अतिरिक्त जवानों की कंपनी कश्मीर में तैनात करना चिंता का विषय है. इस बारे में लोगों को जानकारी नहीं है. इस वजह से यह भी अफवाह फैल रही है कि घाटी में कुछ बड़ा भयानक होने वाला है. क्या यह अनुच्छेद 35ए को लेकर है.

बता दें कि 2 दिन पहले ही नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 35ए को भंग किए जाने को लेकर आशंका व्यक्त की थी. नेशनल कॉन्फ्रेंस महासचिव अली मोहम्मद ने कहा था कि एक तरफ केंद्र सरकार और राज्यपाल सत्यपाल मलिक अक्सर यह दावा करते हैं कि कश्मीर में हालात सुधर गए हैं. जब हालात सुधर गए हैं तो यहां सैन्य बलों की संख्या क्यों बढ़ाई जा रही है. इस वजह से आम लोगों में डर पैदा हो रहा है. कहीं ऐसा तो नहीं कि केंद्र सरकार राज्य के संविधान के साथ छेड़खानी करने की सोच रही है.

Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.